छठ पूजा के लिए घाट परिसर में कार्यालय का किया उद्घाटन
छठ पूजा समिति महापर्व की तैयारी में जुटी
बिलासपुर. लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर बिलासपुर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। तोरवा स्थित अरपा नदी के तट पर बने छठ घाट में इस बार भी भव्य आयोजन को लेकर चर्चा हुई। रविवार को छठ पूजा समिति की ओर से घाट परिसर में पूजा कार्यालय का शुभारंभ किया गया। अब इसी कार्यालय से पर्व के आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी तैयारियों का संचालन किया जाएगा।
छठ पूजा समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी छठ महापर्व का आयोजन पूरे उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ किया जाएगा। श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि छठ पूजा के दौरान घाट पर बड़ी संख्या में व्रती परिवारों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
चार दिन तक चलेगा छठ महापर्व का अनुष्ठान
इस वर्ष छठ पूजा की शुरुआत 13 नवंबर से होगी। पहले दिन नहाय-खाय के साथ पर्व का शुभारंभ होगा। 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अघ्र्य और 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य देने के साथ महापर्व का समापन होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रती महिलाएं और पुरुष संतान की सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और आरोग्य की कामना के साथ कठिन व्रत रखते हैं।
देशभर में पहचान बना चुका है तोरवा का छठ घाट
अरपा नदी के तट पर स्थित तोरवा छठ घाट बिलासपुर में छठ महापर्व का प्रमुख केंद्र है। विशाल क्षेत्र में फैले इस घाट पर हर साल श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या जुटती है। स्थायी पूजा बेदियों और विस्तृत घाट परिसर के कारण इसकी अलग पहचान है। छठ पूजा के अवसर पर यहां छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की परंपराओं से जुड़े परिवार भी सामूहिक रूप से पर्व मनाने पहुंचते हैं।
सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है छठ घाट
तोरवा छठ घाट पर हर साल होने वाला सामूहिक आयोजन अब बिलासपुर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। पूजा कार्यालय के शुभारंभ के साथ ही इस वर्ष के आयोजन की औपचारिक तैयारियों ने गति पकड़ ली है। समिति का लक्ष्य श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण में छठ महापर्व का आयोजन करना है।


