शिक्षा विभाग में तबादला उद्योग चल रहा है – कांग्रेस
रायपुर. शिक्षा विभाग में हो रहे स्थानांतरण को कांग्रेस ने तबादला उद्योग बताया है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि शिक्षण सत्र के बीच में हो रहे तबादले कि शिक्षा विभाग में तबादले वसूली के लिये किये जा रहे है। पहले जिन शिक्षको को युक्तियुक्तकरण में तबादले किये गये उनको फिर शहरो में लाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री अपने विभाग की तबादला नीति सार्वजनिक करें।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का ढोंग रच रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि शिक्षा विभाग एक वसूली गिरोह की तरह काम कर रहा है। युक्तियुक्तकरण में नाम पर पूर्व में स्थानांतरित शिक्षकों में से अनेकों का पुनः तबादला प्राइम लोकेशन पर स्थित स्कूलों में कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि विगत 2 वर्षों में हुए शिक्षकों और प्राचार्य के 16,165 ट्रांसफरों में से मात्र 3,512 अर्थात 21.7 प्रतिशत ही एकल शिक्षकीय स्कूलों में भेजे गए। बाकी 78.3 प्रतिशत अर्थात 12,653 पदस्थापनाएं पारदर्शी प्रक्रिया के बजाय बोली लगाकर बेची गईं। भाजपा की सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के नाम पर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। आज स्थिति यह है कि शिक्षा विभाग, विभाग न रहकर एक वसूली गिरोह में तब्दील हो चुका है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि जिन स्कूलों में पहले से शिक्षक हैं उन्हीं प्राइम लोकेशन पर पैसे लेकर ट्रांसफर किया जा रहा है, प्रदेश के 2,461 स्कूल आज भी शिक्षक विहीन या एकल शिक्षकीय हैं, ये स्कूल सरकार की प्राथमिकता में है ही नहीं, हजारों पद खाली हैं, लेकिन साय सरकार ने नियमित शिक्षक भर्ती पर पूरी तरह रोक लगा रखी है।


