दिल्ली के रामलीला मैदान से गूँजेगा छत्तीसगढ़ के हजारों कांग्रेसजनों का हुंकार, “वोट चोर, गद्दी छोड” – दीपक बैज

 

 

रायपुर.  देश की राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान इस बात का गवाह बन रहा है कि भारत का लोकतंत्र किन हाथों में सुरक्षित है और कौन लोग इसे तहस-नहस करने में तुले हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि हमारे प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारीयों सहित छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेतागण, कोने-कोने से हज़ारों की संख्या में कांग्रेसजन, किसान, युवा और कार्यकर्ता आज दिल्ली में खड़े होकर यह पूछने आए हैं कि इस देश में गरीबों के वोट की कीमत क्या रह गई है। भाजपा सरकार ने जिस प्रकार से वोट चोरी का कुचक्र चलाया है, उसके खिलाफ आज छत्तीसगढ़ का हर नागरिक सड़क पर उतर चुका है। देश की आवाम यह साफ तौर पर कह रही है, ”वोट चोर, गद्दी छोड़।“

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर उमड़ा छत्तीसगढ़ के सभी वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस पदाधिकारी और तमाम कांग्रेसजनों का यह सैलाब इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनता अब लोकतंत्र और संविधान पर हो रहे हमलों को और बर्दाश्त नहीं करेगी। वोट चोरी के खिलाफ यह राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन भाजपा की तानाशाही की नींव हिलाने के लिए काफी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा की तानाशाही सरकार ज्ञानेश कुमार साथ मिलकर षडयंत्रपूर्वक आम जनता के मताधिकार और जनादेश का सरेआम गला घोंट रही है। छत्तीसगढ़ में एसआईआर के नाम पर 23 लाख 99 हजार वोट काटे गए, बड़े पैमाने पर फार्म 7 का दुरुपयोग भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया है, बिना सुनवाई और सत्यापन के बिना अवसर दिए मतदान के अधिकार से वंचित किया गया है, 19 लाख लोगों की शिफ्टेड बता दिया गया, इस इरादतन षड्यंत्र और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया के खिलाफ मतदाताओं में गहरा आक्रोश है। छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से दिल्ली पहुँचे हज़ारों कार्यकर्ताओं का यह हुजूम यह चीख-चीख कर कह रहा है कि जनता अब गूंगी-बहरी सरकार के दुर्भावना को समझ चुकी है। दिल्ली में बैठी सत्ता और छत्तीसगढ़ में रची जा रही साजिशें इस बात का सबूत हैं कि इन्हें छत्तीसगढ़िया जनता के स्वाभिमान से कोई सरोकार नहीं है। छत्तीसगढ़ के मेहनतकशों, किसानों और आदिवासियों ने जिस विश्वास के साथ अपने अधिकार चुने थे, उसे सत्ता के भूखे लोगों ने चुराने का कुत्सित प्रयास किया है। लोकतंत्र में श्वोटश् ही गरीब, किसान, युवा और महिला की सबसे बड़ी ताकत और उसका अधिकार होता है। जब वोट ही चोरी होने लगे, तो महतारी वंदन, धान खरीदी, युवाओं के रोजगार और आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? यह सीधा-सीधा छत्तीसगढ़ की सवा तीन करोड़ जनता के अधिकारों पर डाका है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपाई सत्ता के अहंकार में इतने चूर हो चुके हैं कि अब वे जनता के वोट की ताकत से डरकर चोर दरवाजे से लोकतंत्र को हाईजैक करने में लगे हैं। वोट चोर, गद्दी छोड़ का नारा अब सिर्फ दिल्ली के रामलीला मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश के हर गांव और हर बूथ तक गूंजेगा। छत्तीसगढ़ के माटी के सपूतों ने दिल्ली में आकर यह बता दिया है कि हम झुकने वाले नहीं हैं। जब-जब जनता के अधिकारों पर हमला हुआ है, यहाँ के वीरों ने ईंट का जवाब पत्थर से दिया है। भाजपा जनादेश और  संवैधानिक अधिकारों को दबाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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