रकम दोगुनी करने का झांसा पड़ा भारी, चिटफंड कंपनी के 4 डायरेक्टरों को 6-6 साल की सजा
कार्यालय बंद कर निवेशकों की राशि लेकर हो गए थे फरार
जुर्माने की राशि से निवेशकों को लौटाए जाएंगे पैसे
विशेष न्यायालय ने धोखाधड़ी के मामले में सुनाया फैसला
रायगढ़. साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी करने और बैंकों से अधिक ब्याज देने का लालच देकर निवेशकों से लाखों रुपये जमा कराने वाली एडीवी आरोग्य धनवर्षा चिटफंड कंपनी के चार डायरेक्टरों को न्यायालय ने धोखाधड़ी का दोषी ठहराया है। विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने चारों आरोपियों को छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 60 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने अपील की अवधि समाप्त होने के बाद अर्थदंड की राशि से निवेशकों की रकम लौटाने का निर्देश भी दिया है।
प्रकरण के अनुसार, मीनकेतन पटेल ने 6 अगस्त 2019 को सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वर्ष 2013 में उसके परिचित दिलीप साहू ने एडीवी आरोग्य धनवर्षा कंपनी के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि कंपनी अन्य बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज देती है और साढ़े पांच साल में निवेश की रकम दोगुनी कर लौटाती है। इस झांसे में आकर मीनकेतन पटेल ने कंपनी के इतवारी बाजार स्थित कार्यालय में आठ किश्तों में कुल 3 लाख 28 हजार रुपये जमा कराए। उसके गांव के अन्य लोगों ने भी कंपनी में लाखों रुपये निवेश किए थे। आरोप था कि वर्ष 2017 में कंपनी के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए और निवेशकों की रकम वापस नहीं की।


