प्रतिबंधित एक्सोटिक मांगूर मछली के विक्रय पर कार्रवाई
मछली पालन विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण जारी
बिलासपुर. मछली पालन विभाग द्वारा प्रदेश में प्रतिबंधित एक्सोटिक मांगूर (क्लेरियस गेरीपिनयस) एवं बिग हेड (हाइपोप्थेलमिक्थीस नोबीलीस) मछलियों के पालन, संवर्धन, आयात, निर्यात, विक्रय, परिवहन एवं विपणन की रोकथाम के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में मछली पालन विभाग की टीम द्वारा शनिचरी बाजार क्षेत्र में निरीक्षण कर एक्सोटिक मांगूर की मत्स्य बीज जब्त कर कार्रवाई की गई। साथ ही मछली विक्रेताओं को प्रतिबंधित मछलियों की बिक्री नहीं करने की हिदायत दी।
उप संचालक मछली पालन विभाग ने बताया कि एक्सोटिक मांगुर को सामान्यतः थाई मांगुर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक आक्रामक मांसाहारी मछली है, जो भोजन के लिए देशी मछली प्रजातियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पर्यावरण अधिकारी के अनुसार थाई मांगुर के सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1948 की धारा 5 के तहत प्रतिबंधित मछलियां पाए जाने पर 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही पाली गई प्रतिबंधित मछलियों के मत्स्य बीज एवं भंडारण को तत्काल नष्ट किए जाने का प्रावधान भी है।


