बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की हत्या का मामला, 11 दिन बाद शव का किया पोस्टामर्टम
11.50 लाख मुआवजे के बाद परिजन माने
बिलासपुर। बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की निर्मम तरीके से हत्या करने के 11 दिन बाद परिजन ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए तैयार हुए। पुलिस टीम ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद डॉक्टरों की टीम ने पीएम किया। इसके बाद शव को परिजन को सौंप दिया है।
सरकंडा के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह के चौकीदार नरेंद्र खांड के हाथ पैर बांधकर उकसी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद परिजन व उसके रिश्तेदारों ने मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर घटना स्थल के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए। लगातार 11 दिनों तक प्रदर्शन चला। परिजन ने सरकारी नौकरी समेत 1 करोड़ व अन्य मांगों पर अड़े हुए थे। पुलिस प्रशासन के अफसर पजिरन को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन परिजन नहीं माने। 11 दिन बाद परिजन व प्रशासन के साथ बातचीत हुई। प्रशासन ने अलग-अलग मदों से कुल 11.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और बेटे को संविदा या कलेक्टर दर पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
12 जुलाई की रात हुई थी हत्या
सरकंडा के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण विशेष गृह में 12 जुलाई की रात चार अपचारी बालक चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या कर फरार हो गए थे। घटना के बाद परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को 15 हजार रुपए मासिक पेंशन, बेटे को नौकरी और बेटी की पढ़ाई, शादी का खर्च प्रशासन उठाए।


