दूरदराज के स्कूलों में नहीं थमेगी पढ़ाई, स्थानीय युवा पढ़ाएंगे गणित-विज्ञान

 

 

कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने दिए निर्देश

फ्लैगशिप योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा

बिलासपुर. कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर शासन की फ्लैगशिप योजनाओं सहित जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दूरदराज क्षेत्रों की एकल शिक्षकीय शालाओं में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर पात्र युवाओं की सेवाएं लेने के निर्देश दिए। ऐसे युवाओं से गणित, विज्ञान जैसे कठिन विषय पढ़ाने का कार्य लिया जाएगा तथा उन्हें डीएमएफ मद से पीरियडवार मानदेय दिया जाएगा। स्वीकृत पद के विरुद्ध पद रिक्त होने पर संकुल स्तर पर भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने इस पूरी प्रक्रिया को आगामी एक माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले में स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्थल चयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की संबंधित विभागों के अधिकारी भी नियमित मॉनिटरिंग करें, ताकि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि शासकीय राशि सीमित होती है और बार-बार उपलब्ध नहीं होती, इसलिए किसी भी निर्माण कार्य के लिए स्थल का चयन पूरी गंभीरता से किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 230 आंगनबाड़ी भवन, 125 पीडीएस दुकान और 325 स्कूल टॉयलेट स्वीकृत किए गए हैं।

कलेक्टर ने स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से हो रही पढ़ाई की भी समीक्षा की। वर्तमान में जिले के लगभग 750 स्कूलों में स्मार्ट टीवी के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।ई-ऑफिस के उपयोग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शून्य उपलब्धि वाले करीब दो दर्जन कार्यालय प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।बैठक में डीसीएस सर्वे की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिले में अब तक लगभग 39 प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने सर्वे कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लेने जिला स्तरीय टीम को मैदानी निरीक्षण के निर्देश दिए।

स्थानीय तैराक बनेंगे ‘जलमित्र’

बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने बड़े बांधों तथा नदी-नालों के किनारे स्थित ग्रामों के स्थानीय कुशल तैराकों को ‘जलमित्र’ के रूप में नियुक्त करने के निर्देश दिए। इन स्थानीय तैराकों को बाढ़ एवं आपदा के बचाव कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा आवश्यक बचाव उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित बचाव एवं राहत कार्य में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने सीएम जनदर्शन, पीएम पोर्टल, ई-समाधान सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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