Tag: ग्रामीण अर्थव्यवस्था

गोबर गैस संयंत्रों को आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बनाने पर जोर

  ग्राम गनियारी में स्थापित बायोगैस संयंत्र का कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने किया आकस्मिक निरीक्षण बिलासपुर.  जिले में स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खेती और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम गनियारी स्थित बायोगैस (गोबर गैस) संयंत्र का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आकस्मिक निरीक्षण किया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के स्वावलंबन के लिए सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने की जरूरत : भूपेश बघेल

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सहकारी बैंक से किसानों की बड़ी उम्मीद हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी बनाने के लिए सहकारिता आंदोलन के विस्तार और इसे और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। किसानों के साथ-साथ मजदूरों, गौपालकों, वनांचल के आदिवासी भाई-बहनों को भी सहकारी बैंकों से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे उन्हें

एक क्लिक में पढ़े बिलासपुर की ख़ास ख़बरें…

रोजगारमूलक गतिविधियों का केन्द्र बना मोपका गौठान : मोपका गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक आदर्श मल्टीएक्टीविटी सेंटर के रूप में विकसित हो गया है। जहां महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं एक साथ कई गतिविधियां संचालित कर रही हैं। समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो कर अब परिवार की धुरी

गोबर बेचकर रामनाथ ने कमाया 27 हजार रूपए, अब उन्नत नस्ल की गाय व बछिया खरीदकर बढ़ाएंगे दुग्ध व्यवसाय

रायपुर.  छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित हो रही है। गोबर बेचने से मिले रूपये को कोई अपनी खेती-किसानी में लगा रहा है, तो कोई उससे पशुधन खरीद कर दुग्ध व्यवसाय को मजबूती प्रदान करने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में कांकेर जिले के चारामा

रागी की खेती के साथ-साथ मछली पालन, मुर्गी पालन कर रही हैं महिलाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाली सुराजी गांव योजना से गांवों में स्वरोजगार एवं स्वावलंबन की ओर लोगों का रूझान बढ़ा है। सुराजी योजना के तहत गांव में निर्मित गौठान आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित होने लगे हैं। गौठानों में आयमूलक गतिविधियां शुरू हो गई है। महिला स्व सहायता
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