धनतेरस को क्यों कहते हैं धन त्रयोदशी?
दिवाली का त्योहार सिर्फ रोशनी, मिठाइयों और खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी हर परंपरा के पीछे कोई न कोई धार्मिक महत्व भी छिपा है। पांच दिनों तक चलने वाले दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन बाजारों में रौनक देखने को मिलती है। कोई सोना-चांदी खरीदता है तो कोई नए बर्तन, सिक्के और घर के लिए दूसरी चीजें खरीदकर शुभ शुरुआत करता है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा भी की जाती है।
लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि आखिर धनतेरस को धन त्रयोदशी क्यों कहा जाता है? क्या इस नाम का संबंध सिर्फ धन की पूजा से है या इसके पीछे कोई खास धार्मिक मान्यता भी है? दरअसल, इस नाम का संबंध हिंदू पंचांग की एक खास तिथि और धन-समृद्धि की परंपरा से जुड़ा हुआ है।
धनतेरस का पूरा नाम धन त्रयोदशी है। यह नाम दो शब्दों ‘धन’ और ‘त्रयोदशी’ से मिलकर बना है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। त्रयोदशी का अर्थ चंद्र पक्ष का तेरहवां दिन होता है। इसी तिथि पर त्योहार पड़ने के कारण इसे त्रयोदशी कहा गया।


