भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद का 60 वाँ  अधिवेशन 9-10 सितंबर 2023 को वर्धा में

  •  कुलपति प्रो. लेल्ला कारुण्यकरा ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी
  • ‘वसुधैव कुटुम्‍बकम् : एक पृथ्‍वी, एक परिवार, एक भविष्‍य‘ होगा अधिवेशन का मुख्य विषय
  • देश भर से एक हजार से अधिक प्रतिनिधि करेंगे शिरकत

नागपूर.   अखिल भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद का 60 वाँ अधिवेशन वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में 9 और 10 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। अधिवेशन का मुख्‍य विषय ‘वसुधैव कुटुम्‍बकम् : एक पृथ्‍वी, एक परिवार, एक भविष्‍य‘ होगा। अधिवेशन में देशभर के राजनीति विज्ञान के विद्वान शिरकत करेंगे। अधिवेशन का उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय की कुलपति प्रो. शान्तिश्री धुलीपुडी पण्डित की अध्‍यक्षता में विश्‍वविद्यालय के निराला प्रेक्षागृह में 9 सितंबर को 10:00 बजे किया जाएगा। यह जानकारी विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. लेल्ला कारुण्यकरा ने शुक्रवार को प्रेस क्‍लब नागपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।

 उद्घाटन समारोह में विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. लेल्ला कारुण्यकरा स्‍वागत भाषण देंगे। अखिल भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद (आईपीएसए) के महासचिव एवं कोषाध्यक्ष तथा महात्‍मा गांधी केंद्रीय विश्‍वविद्यालय मोतिहारी (बिहार) के  भूतपूर्व कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करेंगे।

इस अवसर पर ‘भारत का अमृतकाल’, ‘मधुकरश्‍याम चतुर्वेदी स्‍मृति व्‍याख्‍यान’ के  साथ-साथ समानांतर ज्ञान सत्र और सांस्‍कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। अधिवेशन में देशभर के विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों, महाविद्यालयों और राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं के एक हजार से भी अधिक  संख्‍या में अध्‍यापक एवं शोधार्थी शिरकत करेंगे। इसमें एक दर्जन से अधिक वर्तमान और भूतपूर्व कुलपति भी हिस्‍सा लेंगे।

       कुलपति प्रो. कारुण्यकरा ने बताया कि अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में विशिष्‍ट अतिथि के रूप में भारतीय उच्‍च अध्‍ययन संस्‍थान, शिमला, हिमाचल प्रदेश की पूर्व अध्‍यक्ष एवं महाराजा गंगा सिंह विश्‍वविद्यालय बीकानेर (राजस्‍थान) की भूतपूर्व कुलपति प्रो. चंद्रकला पाडि़या तथा अतिथि के रूप में मद्रास विश्‍वविद्यालय चेन्नई (तमिलनाडु) के भूतपूर्व कुलपति प्रो. आर. थंडवन, ब्रम्‍हपुर (ओडिशा) की कुलपति प्रो . गीतांजलि दास एवं महाराजा गंगा सिंह विश्‍वविद्यालय बीकानेर (राजस्‍थान) के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित उपस्थित रहेंगे।  इस अवसर पर राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार वितरण का भी आयोजन होगा। धन्‍यवाद ज्ञापन हिंदी विश्‍वविद्यालय के भाषा विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता तथा अधिवेशन के स्‍थानीय आयोजन सचिव प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह  प्रस्‍तुत करेंगे।

अधिवेशन को सफल बनाने के लिए कुलपति प्रो. लेल्ला कारुण्यकरा एवं आईपीएसए के कोषाध्यक्ष एवं महासचिव प्रो. संजीव कुमार शर्मा के मार्ग – निर्देशन में विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। ‌अधिवेशन में सहभागिता करने आ रहे प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था विश्‍वविद्यालय के अतिथि गृह तथा छात्रावासों सहित वर्धा शहर के विभिन्न स्थानों पर की गई है।

1938 में हुई थी आईपीएसए की स्थापना

आईपीएसए के कोषाध्यक्ष एवं महासचिव प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भारतीय राजनीति विज्ञान संघ (आईपीएसए) भारत में राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन में शिक्षकों और विद्वानों का शीर्ष, सबसे पुराना और सबसे बड़ा शैक्षणिक और व्यावसायिक निकाय है। यह एक राष्ट्रीय संगठन और एक गैर-लाभकारी पंजीकृत संगठन है। आईपीएसए के लक्ष्य और बौद्धिक परंपराएं हैं- राजनीति विज्ञान की उन्नति; राजनीति का वैज्ञानिक अध्ययन; ज्ञान का प्रसार, और कठोर राजनीतिक जांच।

भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की सलाह और निमंत्रण पर दिसंबर 1938 में वाराणसी में भारतीय राजनीति विज्ञान संघ की स्थापना की गई थी। संयुक्त प्रांत (अब उत्तर प्रदेश) के तत्कालीन प्रधान मंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत को आईपीएसए के उद्घाटन  समारोह की अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित किया गया था। एक एसोसिएशन शुरू करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी और वास्तव में मई 1938 में इसका निर्णय लिया गया था। अगस्त 1938 के अंत में एक परिपत्र जारी किया गया, जिसमें राजनीति विज्ञान के विद्वानों से इस शुभ यात्रा में सहयोग करने का आह्वान किया गया। आईपीएसए का पहला सम्मेलन 22 से 24 दिसंबर 1938 को वंदे मातरम् के गायन के साथ आयोजित किया गया था। बीएचयू के कुलपति पंडित मदन मोहन मालवीय ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उन्हें देश के सामने आने वाले महत्वपूर्ण राजनीतिक  मुर्दों के बारे में जानकारी दी थी।

आईपीएसए का यह 60 वाँ अधिवेशन है जो महात्‍मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे की कर्मस्‍थल वर्धा में आयोजित हो रहा है। इससे पूर्व आईपीएसए का अधिवेशन चैन्नई, मैसूर, जयपुर, कोलकाता, मेरठ, लखनऊ, हैदराबाद, जोधपुर, आगरा, अलिगढ़, पुणे और उज्जैन में आयोजित किया गया था। हर वर्ष इसका आयोजन नियमित रूप से किया जाता रहा है। आईपीएसए की ओर से ‘भारतीय राजनीति विज्ञान शोध पत्रिका’ द्विवार्षिक रूप में निकाली जाती है।

पत्रकार वार्ता में अधिवेशन के स्थानीय  आयोजन सचिव प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. कृपा शंकर चौबे, जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे, स्‍थानीय आयोजन संपर्क एवं प्रोटोकॉल अधिकारी राजेश कुमार यादव, प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रदीप मैत्र उपस्थित थे। ‌

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