अब पूरे देश में शुरू होगी वोटर लिस्ट रिवीजन की कवायद

नयी दिल्ली. मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) यानी वोटर लिस्ट रिवीजन की कवायद को पूरे देश में लागू करने की तैयारियां चल रही हैं। निर्वाचन आयोग जल्द ही तारीख तय करेगा। बुधवार को निर्वाचन आयोग के राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की यहां एक दिवसीय बैठक के बाद, अधिकारियों ने कहा कि अगले साल पांच विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए अखिल भारतीय मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान 2025 के आगामी महीनों में चलाया जा सकता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित हुई अपने राज्यों की मतदाता सूची तैयार रखें। आयोग ने कहा है कि बिहार के बाद, पूरे देश में एसआईआर की कवायद होगी। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस गहन संशोधन का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की पड़ताल करके उन्हें बाहर निकालना है। आयोग का कहना है कि यह कदम बांग्लादेश और म्यांमार समेत विभिन्न राज्यों में अवैध विदेशी प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। विपक्षी दलों द्वारा भाजपा की मदद के लिए आयोग पर मतदाता आंकड़ों में हेराफेरी करने के आरोपों के बीच, निर्वाचन आयोग ने गहन संशोधन में अतिरिक्त कदम उठाए हैं। राज्यों में अंतिम एसआईआर ‘कट ऑफ’ तिथि के रूप में काम करेगी ठीक वैसे ही जैसे कि निर्वाचन आयोग गहन पुनरीक्षण के लिए बिहार की 2003 की मतदाता सूची का उपयोग कर रहा है। अधिकतर राज्यों ने 2002 और 2004 के बीच मतदाता सूचियों का संशोधन किया था।

