आयोध्या और काशी की तहर विकसित बनेगा महामाया मंदिर शक्तिपीठ
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर शक्तिपीठ अयोध्या और काशी की तरह विकसित होने वाला है। इसके लिए राज्य सरकार ने बजट जारी भी कर दिया है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आयोध्या और काशी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
इसके अलावा शक्तिपीठ सर्किट बनाने की योजना है। इसके लिए सरकार ने हरि झंडी दे दी है। बजट में भी शामिल किया गया है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा। जिला प्रशासन को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। इससे महामाया मंदिर रतनपुर शक्तिपीठ पर्यटन क्षेत्र में विकसित होगा। इससे पहले जमीन चिन्हांकन किया जाएगा। फिर वहां सुविधाएं विकसित की जाएगी। बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर महामाया देवी का यह मंदिर 1050 ईसवी में बनना बताया जाता है। राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा स्थापित मंदिर क्षेत्र को कलचुरियों की राजधानी माना जाता है। शक्तिपीठ सर्किट में सौंदर्यीकरण, गार्डन, ठहरने की व्यवस्था, लाइटिंग, हवन-पूजन स्थल, रेलिंग, पानी, सामुदायिक शौचालय, बैठने की व्यवस्था, रोप-वे, पर्यटन मंडल का केंद्र, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा व्यवस्था और होम स्टे समेत अन्य सुविधाएं रहेंगी। भक्तों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।


