हसीलदारों की हड़ताल… 15 जून से सीमांकन पर रोक लग जाएगी

 

 

बिलासपुर। सरगुजा के नायब तहसीलदार के साथ मारपीट के विरोध में प्रदेश भर के तहसीलदार काम काज छोडक़र हड़ातल पर चले गए हैं। इसका असर बिलासपुर में साफ नजर आ रहा है। लोग जमीन संबंधी काम करवाने तहसील कार्यालय तो पहुंच रहे हैं, लेकिन बिना काम कराए खाली हाथ वापस लौट रहे हैं। हड़ताल के कारण जिले में प्रतिदिन 2 हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है।

पक्षकारों का आरोप है कि बिलासपुर तहसील ऑफिस में राजस्व विभाग दलाली का क्षेत्र बन गया है, यहां बिना पैसे दिए किसी का काम नहीं होता। ऐसे अधिकारियों पर इस तरह की कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ये सुधरे और लोगों का भला हो सके। हड़ताल से जनता त्रस्त है। लोगों का काम नहीं हो रहा है। लोग बस आ रहे हैं और भटक कर वापस जा रहे। ग्रामीणों का कहना है कि 1 महीने से ऑफिस के चक्कर लगा रही हूं। आज फिर लौटना पड़ रहा। पब्लिक को इतना परेशान ना होना पड़े। इसका समाधान निकलना चाहिए। राजस्व अधिकारियों ने सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग की है। आरोप है कि विधायक ने सरगुजा जिले के नायब तहसीलदार तुषार मानिक की पिटाई की थी। हड़ताल के कारण राज्य की अधिकांश तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप है। लोग राजस्व कामकाज के लिए भटकते दिखाई दिए। सुशासन तिहार के बीच तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण तहसीलों और उप तहसीलों में कामकाज पूरी तरह से ठप है। आंदोलन को राजस्व निरीक्षक संघ ने भी समर्थन दिया है। सरगुजा में सभी आरआई (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण तहसील न्यायालयों के पक्षकारों के पेशी की तिथि बढ़ाई जा रही है। वहीं सीमांकन के काम ठप हो गए हैं। 15 जून से सीमांकन पर रोक लग जाएगी। इसे लेकर भी पक्षकार परेशान हैं।

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