यदि अभ्यर्थी सही है तो पीएससी ने रिजल्ट में अभ्यर्थियों के नाम आधे अधूरे क्यों जारी किया?
रायपुर. पीएससी ने पुलिस इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के परिणामों को गैर जिम्मेदाराना ढंग से जारी किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पीएससी परीक्षा परिणाम में अभ्यर्थियों के नाम चंदा देने वालो की सूची के जैसे जारी किया। उन परिणामों के कारण ही विवाद की स्थिति निर्मित हुई है। परिणामों में परीक्षार्थी के नाम उनके आवेदन पत्रों और प्रवेश पत्रो के अनुसार क्यों नहीं लिखा गया? परिणाम में अभ्यर्थी का नाम न्यूज नाम क्यों लिखा, पूरा नाम क्यों नहीं लिखा? अगर वास्तव में न्यूज़ नाम का परीक्षार्थी है तो, क्या उसने आवेदन में भी सिर्फ यही लिखा था? तूफेल नाम क्यों लिखा? स्पेश रानी का पूरा नाम क्यों नहीं लिखा? हे राम का पूरा नाम क्यों नही जारी किया? आयोग की यह जिम्मेदारी थी कि परीक्षा परिणाम में अभ्यर्थी का पूरा नाम उसके आवेदन पत्र के अनुसार लिखा जाये। यह विवाद आयोग की लापरवाही है, यह लापरवाही अक्षम्य है। पीएससी की छबि खराब उसके अपने कृत्यों से हुई है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विवाद पीएससी की लापरवाही से सामने आयी है, उपमुख्यमंत्री कहते है कि कांग्रेस पार्टी माफी मांगे, कांग्रेस किस बात की माफी मांगे? पीएससी गलती के लिये कांग्रेस पार्टी क्यों माफी मांगे? राज्य लोक सेवा आयोग लापरवाही से परीक्षा परिणाम घोषित कर रहा तो इसके लिये जवाबदेह वही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद सभी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बडिया किया है, वनरक्षक परीक्षा में गड़बड़िया किया है। आरक्षक भर्ती परीक्षा में राजनांदगांव में गड़बड़ी के कारण 1 आरक्षक ने आत्महत्या कर ली है। पीडब्ल्यूडी में उप अभियंता भर्ती परीक्षा में खुले आम नकल चली है, उसकी आज तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाये है। जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है लगातार विभिन्न भर्ती परिक्षाओं में गड़बड़िया हो रही है। सरेआम बोलिया लगाई जा रही है, बेशर्मी पूर्वक कांग्रेस से माफी मांगने की बात कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार को माफी मांगनी चाहिये। पीएससी ने जो विसंगतिपूर्ण रिजल्ट जारी किया और रिजल्ट में आधा अधूरा जो नाम लिखा उसके कारण स्थितिया निर्मित हुई है।


