सर्टिफिकेट से नौकरी नहीं मिल सकती, तो उसका कोई मतलब नहीं : राहुल
नयी दिल्ली . कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की बड़ी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और नौकरियों के बदलते स्वरूप ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। केपी मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी बातचीत का केंद्र युवाओं का ‘दर्द, डेटा और दौलत’ होगा। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘डेटा आपका, दर्द आपका, लेकिन दौलत इनकी? यह इन लोगों का तंत्र है।’
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में करीब 40 करोड़ युवा हैं और उनकी क्षमता पूरी दुनिया में सबसे अधिक है। शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब शैक्षणिक योग्यता युवाओं को रोजगार नहीं दिला पाती, तो उसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े होते हैं। राहुल ने कहा, ‘आज भारत में शिक्षा के सर्टिफिकेट का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इनसे नौकरी नहीं मिल सकती। देश के युवाओं के लिए रोजगार के सभी दरवाजे बंद हैं।’ राहुल ने दावा किया कि हर 1,000 युवाओं में केवल 12 ही स्थायी नौकरी हासिल कर पाते हैं।
राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भी रोजगार के क्षेत्र में एक नयी चुनौती बताया।


