4 साल बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर आया सुर्खियों में?
उत्तराखंड का चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब चार साल पहले हुए इस मामले में अब एक कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अंकिता के माता-पिता वीरेंद्र भंडारी और सोनी देवी इस नियुक्ति के विरोध में नई दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी उनसे मुलाकात कर समर्थन जताया।
बुधवार को शुरू हुआ यह धरना बृहस्पतिवार तड़के उस समय चर्चा में आ गया, जब पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का समय देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। परिवार का आरोप है कि हत्याकांड में जिस कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं, वह दुष्यंत गौतम हो सकते हैं। परिवार ने राष्ट्रपति से मांग की है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। हालांकि, गौतम इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू की है। इन आरोपों को अब तक अदालत में साबित तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।


