भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय का किया घेराव
निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग उठाई
बिलासपुर. भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा जिला बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं के साथ कथित यौन दुव्र्यवहार के गंभीर आरोपों के विरोध में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन बिलासपुर का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में शामिल बिलासपुर महापौर पूजा विधानी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान, गरिमा से जुड़े किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इस तरह के गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक पक्षपात नहीं होना चाहिए। भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगते हैं, तो संबंधित मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए। जाँच के माध्यम से तथ्यों को सामने लाकर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
छात्रों की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी
बिलासपुर शहर महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा ने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज और व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर महिला मोर्चा सडक़ पर उतरा है। उन्होंने कहा कि आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही निर्धारित होनी चाहिए, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। महिला मोर्चा महिलाओं एवं छात्राओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
पीडि़त पक्ष को मिले न्याय
बिलासपुर ग्रामीण महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गायत्री साहू ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से जुडे विषयों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। छात्राओं से संबंधित गंभीर आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, जिससे पीडि़त पक्ष को न्याय मिल सके और कानून का विश्वास कायम रहे। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।


