कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ‘राष्ट्रीय महिला किसान दिवस’
आरसेटी और कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं को मिली तकनीक,आजीविका और उद्यमिता की नई दिशा
बिलासपुर. कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर में ‘राष्ट्रीय महिला किसान दिवस’ का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गिरीश शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर के विशेष सहयोग से जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से 50 से 60 प्रगतिशील महिला कृषकों एवं प्रशिक्षणार्थी महिलाओं ने केंद्र में उपस्थित होकर अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसबीआई आरसेटी बिलासपुर की संकाय सदस्या दीप्ति मंडल रहीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं खेती-किसानी के साथ-साथ सिलाई, कढ़ाई एवं अन्य गैर-कृषि कौशलों में भी सिद्धहस्त बनें। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे खेती को केवल जीवन-यापन का साधन न मानकर अपनी मजबूत आजीविका का माध्यम बनाएं तथा कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर से निरंतर जुड़कर तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करें और अपने स्वरोजगार व आर्थिक स्थिति को सशक्त करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. गिरीश शर्मा ने उपस्थित सभी महिलाओं को ‘राष्ट्रीय महिला किसान दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय कृषि में महिलाओं के अभिन्न व अथक योगदान पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि बीज बुवाई से लेकर कटाई और मूल्य संवर्धन तक महिलाओं की भागीदारी रीढ़ की हड्डी के समान है।
इस अवसर पर मंच पर प्रेरक अनुभवों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई:
ड्रोन दीदी प्रतिमा वस्त्रकार: जिले में ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से विख्यात प्रतिमा वस्त्रकार ने एक सामान्य ग्रामीण महिला से कुशल ड्रोन पायलट बनने तक की अपनी प्रेरक यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक ड्रोन तकनीक ने उनके जीवन को बदलकर कृषि में कार्य कुशलता और समय की बचत को एक नई गति दी है।
उद्यमी शिल्पी राजपूत: गौ-सेवा एवं जैविक उद्यमिता से जुड़ीं शिल्पी राजपूत ने गौवंश के संरक्षण, मूल्यवर्धित गौ-उत्पादों के निर्माण तथा अपने ब्रांड ‘छटक चारा’ के विकास पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को पशुपालन आधारित उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
महिला कृषकों के अनुभव: प्रगतिशील महिला कृषक पुष्पा एवं रूपा ने मंच से अपने कृषि अनुभव और खेती में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के तौर-तरीके साझा किए।
समारोह के दौरान डॉ. निवेदिता पाठक ने आधुनिक कृषि प्रबंधन एवं निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता पर विस्तार से अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित एवं सफल मंच संचालन डॉ. शिल्पा कौशिक मोदी द्वारा किया गया। अंत में कार्यक्रम का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एकता ताम्रकार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर के समस्त वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


