भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा शुरू
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव समेत बड़े नेता शामिल हुए
बिलासपुर. भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा शुरू हो गई है। शनिवार को पदयात्रा दोपहर 2 बजे गांधी चौक स्थित गवर्नमेंट स्कूल से शुरू होकर जूना बिलासपुर, हटरी चौक, सिटी कोतवाली चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, करोना चौक, सिम्स चौराहा और पं. देवकीनंदन चौक होते हुए नेहरू चौक पहुंचेगी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव और स्थानीय विधायक भी शामिल हुए।
वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देश की राजधानी दिल्ली समेत अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान भाजपा ने भी लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा निकालकर लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता के पास जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में लोकतंत्र, मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस लोकसभा चुनाव हारती है, तो ईवीएम पर सवाल उठाती है और वोट चोरी के आरोप लगाती है। वहीं, जब किसी राज्य में चुनाव जीतती है, तो ईवीएम को लेकर कोई सवाल नहीं उठाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और राजनीतिक लाभ के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
शहर के मुख्य मार्गों पर भाजपा नेता करेंगे पदयात्रा
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर ने बताया कि पदयात्रा में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह और सुशांत शुक्ला सहित जिले की सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मोर्चा-प्रकोष्ठ के सदस्य और आम नागरिक शामिल होंगे। क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी और पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय भी मौजूद रहेंगे।
कार्यकर्ताओं को अलग-अलग दी गई जिम्मेदारी
पदयात्रा की रूपरेखा तय करने के साथ अलग-अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई थी। कार्यक्रम के संचालन और जनसंपर्क के लिए टीम भी बनाई गई थी। पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक संबोधित किया। पदयात्रा में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।


