साहित्यकार एवं उपन्यासकार केशव की कृतियों का गरिमामय लोकार्पण

 

साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं:डॉ.पाठक

बिलासपुर. साहित्यिक एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलम प्रतिबिंब सृजन संगठन के तत्वावधान में एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं उपन्यासकार केशव शुक्ला की दो महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों— ‘तीसरे लोग’ (उपन्यास) एवं ‘अंतरंग काव्य सरोवर’ (साझा काव्य
संग्रह) का गरिमामय लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुमार पाठक, कुलपति, थावे विद्यापीठ, बिहार उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता पूर्व न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण वाजपेयी, उच्च न्यायालय ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. प्रद्युम्न कुमार सिन्हा, अध्यक्ष, राष्ट्र सृजन अभियान, नई दिल्ली तथा डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्व आईएएस अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात दोनों साहित्यिक कृतियों का विधिवत् लोकार्पण किया गया। वक्ताओं ने साहित्य की सामाजिक भूमिका, समकालीन विषयों की प्रासंगिकता तथा साहित्यिक सृजन के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना के विस्तार पर अपने विचार व्यक्त किए।
पुस्तक समीक्षाओं के माध्यम से कृतियों की विषय- वस्तु, भावबोध एवं साहित्यिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक ने उपन्यास ‘तीसरे लोग’ के संदर्भ में किन्नर समुदाय के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने तथा उनके प्रति सम्मान, संवेदना और समानता का भाव विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना जागृत करने और रूढ़िवादी धारणाओं को बदलने का सशक्त माध्यम भी है। किन्नर समुदाय को भी समाज में समान गरिमा, सम्मान और मानवीय अधिकार प्राप्त होने चाहिए। उन्होंने इस उपन्यास को सामाजिक संवेदनशीलता और समावेशी दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक सार्थक साहित्यिक पहल बताया।
समारोह का प्रभावशाली एवं साहित्यिक शैली में मंच संचालन डॉ. किरण राठौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सर्वश्री कवि विजय कल्याणी तिवारी,अमृत लाल पाठक, डॉ. अनिता सिंह,डॉ सत्यनारायण तिवारी, प्रशांत सिंह सहित शीला-रामचन्द्र पाठक,डॉ. रश्मिलता मिश्रा ,फिल्मकार डॉ सुनीलदत्त मिश्रा सहित अनेक साहित्यकारों,कलाकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों एवं साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की।
अंत में आयोजक संस्था की ओर से डॉ. सत्यनारायण तिवारी ने सभी अतिथियों, रचनाकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अंतरंग काव्य सरोवर के कवि सतीश तिवारी, मोहन लाल सोनी,चंद्रशेखर साहू, विनोद तिवारी,राकेश गुप्ता,दुर्गा साहूडॉ,बोधी राम साहू,डॉ. चमेली साहू नैला जांजगीर,द्रौपदी साहू,रेखराम साहू,प्रभा शुक्ल बलौदाबाजार,डॉ अमी मिश्रा अपोलो,मोहित कुमार शर्मा, ब्रजेश श्रीवास्तव जोहन भार्गव चिरमिरी,अमृतलाल पाठक, अशरफीलाल सोनी ,दिलीप सिंह राजपूत,डॉ.संगीता बनाफर,रेणु वाजपेयी नलिन, राजेश कुमार सोनार, डॉ राघवेंद्र दुबे,संजय कुमार हिरवानी मानिक चौरी आदि 79 कवि-कवयित्रियों का अंगवस्त्र, सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।समारोह में कुछ उपस्थित नहीं हो पाए जिनका सम्मान पत्र उस क्षेत्र से आये लोगों को सौंप दिया गया।जिन्हें नहीं मिल पायेगा उन्हें आने पर सुलभ करा दिया जाएगा।यह घोषणा कलम प्रतिबिंब श्रीजन संगठन के डॉयरेक्टर शिवमंगल शुक्ला ने की है।

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