अरपा पार को अलग निगम बनाने की मांग, रामसेतु पर अमित का आमरण अनशन शुरू
शहरी गतिविधियां बढऩे के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर नहीं मिल पा रही पहचान
बिलासपुर। अरपा नदी के पार बसे क्षेत्र को अलग नगर निगम बनाने की मांग को लेकर बिलासपुर में आंदोलन तेज हो गया है। नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी ने मंगलवार से रामसेतु पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि करीब तीन दशक से उठ रही इस मांग पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
अमित तिवारी ने कहा कि अरपा पार क्षेत्र अब शहर का बाहरी हिस्सा नहीं रह गया है। यहां नगर निगम के दो जोन कार्यालयों के अलावा अपोलो, एसईसीएल, बहतराई स्टेडियम, खेल परिसर, सीयू, एयू और ओयू जैसे प्रमुख संस्थान मौजूद हैं। क्षेत्र में लगातार आबादी और शहरी गतिविधियां बढऩे के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर इसे अलग पहचान नहीं मिल सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पृथक निगम बनाने का प्रस्ताव अब तक महापौर परिषद (एमआईसी) तक नहीं पहुंचा है। उनके अनुसार अरपा पार क्षेत्र में दो विधानसभा क्षेत्रों के 22 वार्ड आते हैं और वर्तमान में दो विधायक भी यहां का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके बावजूद मांग निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकी। अमित तिवारी ने शहर विधायक अमर अग्रवाल पर चुनावी घोषणा के बावजूद वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक रजनीश सिंह भी मांग का समर्थन कर चुके हैं। उनका दावा है कि राजनीतिक समर्थन के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।
अगले निगम चुनाव से पहले गठन की उम्मीद: महापौर
उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना में भी अरपा पार को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिलने की बात कही। तिवारी के मुताबिक अलग निगम बनने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों में तेजी आ सकती है। वहीं महापौर पूजा विधानी ने कहा कि अरपा पार को अलग नगर निगम बनाने की मांग शहर विधायक के घोषणा पत्र में शामिल है और अगले निगम चुनाव से पहले इसके गठन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अनशन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।


