सिम्स में इबोला वायरस को लेकर अलर्ट, स्क्रीनिंग व बचाव की तैयारियां तेज
बिलासपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स अस्पताल बिलासपुर में इबोला वायरस संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सिम्स अस्पताल प्रबंधन ने इबोला प्रभावित देशों से आने व ट्रांजिट करने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, आपातकालीन चिकित्सा विभाग, नर्सिंग स्टाफ एवं सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि इबोला वायरस एक गंभीर व जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसका संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के रक्त, पसीना, लार, उल्टी या अन्य शारीरिक द्रव्यों के संपर्क से फैल सकता है। वर्तमान में कांगो (डीआर कांगो) में इबोला संक्रमण के नए मामलों को देखते हुए भारत सरकार व राज्य स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सिम्स के डीन व एमडी माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि इबोला वायरस अत्यंत संवेदनशील संक्रमण है, इसलिए इसकी समय पर पहचान, आइसोलेशन एवं संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का पालन बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सिम्स अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण को लेकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा संदिग्ध लक्षणों की मॉनिटरिंग एवं आवश्यक जांच व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सिम्स प्रबंधन ने कहा है कि अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण, स्क्रीनिंग व उपचार संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।


