एक भारत श्रेष्‍ठ भारत योजना से समृद्ध संस्‍कृति, परंपरा का प्रदर्शन : प्रो. शरत कुमार पालिता

वर्धा. एक भारत श्रेष्‍ठ भारत योजना के माध्‍यम से महाराष्‍ट्र और ओडि़शा की समृद्ध संस्‍कृति और परंपरा का प्रदर्शन होगा जिससे दोनो राज्‍यों के विद्यार्थी परिचित होंगे। यह विचार ओडि़शा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, कोरापुट के कुलपति प्रो. शरत कुमार पालिता ने व्‍यक्‍त किये । वे एक भारत श्रेष्‍ठ भारत योजना के अंतर्गत महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय एवं ओडि़शा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय, कोरापुट के संयुक्‍त तत्‍वावधान में गुरूवार, 3 मार्च को गालिब सभागार में संमिश्र पद्धति से आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहें थे। उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र के छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के आदर्श राजा थे। उनके पराक्रम और जनता के संरक्षण के लिए उनकी नीतियों से हम सब परिचित है।

इस अवसर पर वरिष्ठ फिल्मकार एवं लेखक कमल स्वरूप ने  ‘मूक सिनेमा एवं स्व का जागरण : विशेष संदर्भ महाराष्ट्र’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्‍होंने दादासाहेब फाल्के द्वारा निर्मित फिल्‍मों और राष्‍ट्रीय आंदोलन पर उनके प्रभाव पर विचार व्‍यक्‍त किए । कार्यक्रम में विश्‍वविद्यालय के प्रतिकुलप्रति द्वय हनुमानप्रसाद शुक्‍ल और  डॉ. चंद्रकांत रागीट, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी, प्रो. अवधेश कुमार, प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह सहित अध्‍यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में वारली चित्रकला एवं छत्रपति शिवाजी महाराज  पर आधारित फिल्‍म प्रभाग द्वारा निर्मित वृत्‍तचित्र का प्रदर्शन किया गया। वृतचित्र का परिचय विद्यार्थी शिवपाल सूर्यवंशी तथा अविरल सिंह ने कराया।  ओडि़शा के लक्ष्‍मण नायक और ओडि़शा की जनजातियों पर आ‍धारित वृत्‍तचित्र का प्रदर्शन भी इस अवसर पर किया गया। प्रारंभ में हिंदी विश्‍वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलाचरण प्रस्‍तुत किया। इस अवसर पर ओडि़शा केंद्रीय विश्‍वविद्यालय के समन्‍वयक प्रदोश कुमार साई ने भी विचार व्‍यक्‍त किए।

कार्यक्रम का संयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की नोडल अधिकारी डॉ. प्रियंका मिश्र, संचालन डॉ. यथार्थ मंजुल एवं धन्यवाद ज्ञापन एक भारत श्रेष्ठ भारत के सह-नोडल अधिकारी डॉ. सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने किया।

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