स्पेन को दक्षिण अमेरिकी बाजारों में प्रवेश का द्वार बना सकते हैं भारतीय उद्यमी : मंत्री तोखन
मैड्रिड में प्रवासी भारतीयों से संवाद
बिलासपुर। भारत के छोटे और लघु उद्यमियों के लिए यूरोप के बाजारों में कारोबार विस्तार की संभावनाएं तलाशने तथा भारतीय युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने जोर दिया है। स्पेन की आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्होंने मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास में प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर भारत और स्पेन के बीच आर्थिक, व्यावसायिक एवं सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने भारतीय दूतावास के पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। इसके बाद प्रवासी भारतीयों के साथ आयोजित संवाद में व्यापार, वाणिज्य, निवेश, उद्यमिता, बैंकिंग, रोजगार और सांस्कृतिक संबंधों को विस्तार देने पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों का अनुभव, व्यावसायिक नेटवर्क और विशेषज्ञता भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। श्री साहू ने स्पेन की भौगोलिक स्थिति और स्पेनिश भाषा के वैश्विक प्रभाव को भारतीय कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि स्पेन के माध्यम से भारतीय उद्यमियों को दक्षिण अमेरिकी देशों के बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं को समझते हुए अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार करना चाहिए। विशेष रूप से छोटे और लघु उद्यमियों को यूरोप के बाजारों से जोडऩे की जरूरत है।
भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते
चर्चा में स्पेन की कंपनियों में भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तलाशने का विषय भी प्रमुखता से उठा। मंत्री ने दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने और युवाओं की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उनका मानना है कि व्यापारिक साझेदारी के साथ रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जा सकता है।
बैंकिंग और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर
नए कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इसमें वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग व्यवस्था और व्यापारिक प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही उद्यमियों के लिए बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल, सहज और सुलभ बनाने पर जोर दिया गया, ताकि नए व्यापारी भी वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकें।


