राघव चड्ढा ने छोड़ दी आम आदमी पार्टी 

दिल्ली का किला ढहने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP)की सारी ताकत पंजाब से आ रही है. ऐसे में पंजाब में AAP का झाड़ू हर विधानसभा में चलाने वाले राघव चड्ढा बीजेपी के हो गए. हालांकि, इसमें तकनीकि रूप से अभी दिक्कत है. मगर राघव के जाने का अंदाजा तो AAP के रणनीतिकारों को बहुत पहले हो गया था, इसलिए धीरे-धीरे दूरियां बढ़ती साफ दिख रही थीं. अभी चंद दिनों पहले ही AAP ने फैसला किया कि उसके और राघव चड्ढा की राहें अलग-अलग हो गईं हैं. पहले AAP और फिर राघव चड्ढा ने एक दूसरे पर सार्वजनिक बयानबाजी शुरू की. राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया गया. AAP ने पूरा अनुमान कर लिया था कि राघव के बीजेपी में जाने से उसे क्या नफा-नुकसान होना है.राघव अकेले बीजेपी में नहीं गए. बल्कि AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से खुद को लेकर 7 को तोड़ लिया. राघव चड्ढा ने अपने साथ संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह के बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया. बम फटा तो  AAP भी तुरंत हरकत में आई. सीधे-सीधे एहसान फरामोश होने का तमगा दिया, लेकिन जिस बात पर सबसे जोर दिया गया, वो था पंजाब के गद्दार. जी हां, खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कुछ लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, लेकिन वे पंजाबी नहीं बल्कि पंजाब के गद्दार हैं. आपको लगेगा कि पंजाब के सीएम ने ऐसा बोला मगर पार्टी की भी लाइन यही रही. पार्टी के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि AAP के जिन सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है, उन्हें पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी.  एक अच्छी सरकार पंजाब में चल रही है. भगवंत मान पंजाब के लोगों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं. और आज उस सरकार के साथ ऑपरेशन लोट्स का खेल खेला जा रहा है. हमारे सांसदों को तोड़ा जा रहा है.

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