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अब अंतरिक्ष में भी भारत का दबदबा, स्काईरूट ने दुनिया को चौंकाया

अंतरिक्ष में भारत की नई छलांग, स्काईरूट बनी 1.1 बिलियन डॉलर की यूनिकॉर्न भारत की स्पेस क्रांति को मिला रॉकेट बूस्ट, स्काईरूट की वैल्यू 1.1 बिलियन डॉलर मुंबई /अनिल बेदाग : भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र अब सिर्फ सपने नहीं, बल्कि दुनिया को चुनौती देने वाली हकीकत बनता जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय

भारत की स्पेस रेस में नया अध्याय: विक्रम-1 लॉन्च के लिए तैयार

‘स्पेस में भारत की नई उड़ान’: विक्रम-1 से खुलेगा निजी अंतरिक्ष बाजार का रास्ता विक्रम-1 ने रचा इतिहास, श्रीहरिकोटा की ओर रवाना मुंबई/अनिल बेदाग: भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने आज एक ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ाया, जब स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित देश का पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ औपचारिक रूप से प्रक्षेपण स्थल की ओर

आसमान में चमकती हुई दिखी अजीबोगरीब चीज, देखकर डर गए लोग!

सेन जुआन. यदि आपको आसमान में आग के गोले (Fireball) जैसा कुछ दिखाई दे तो चौंकना लाजमी है. कुछ ऐसा ही प्यूर्टो रिको (Puerto Rico) में हुआ जब 22 अक्टूबर को लोगों की नजरें आसमान पर ही थम गईं. लोगों ने देखा कि तेज रोशनी वाली आग के गोले नुमा कोई चीज आसमान में एक दिशा

सावधान! 1000 से ज्यादा सितारों से हमें देख रहे हैं एलियंस

वॉशिंगटन. वैज्ञानिकों ने ऐसे 1000 से ज्यादा सितारों (Stars) की पहचान की है, जिनसे एलियंस (Aliens) हम पर रख रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अध्ययन में 1004 सितारों का पता चला है, जहां पृथ्वी की तरह जीवन की उत्पत्ति की संभावना है. इन्हीं तारों से एलियंस हम पर नजर रख रहे हैं. बिना दूरबीन

टला खतरा! पहली बार पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरा कार के आकार का एस्टेरॉयड

वॉशिंगटन. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक एसयूवी आकार के एस्टेरॉयड (Asteroid) के पृथ्वी से 1,830 मील ऊपर से गुजरने की जानकारी दी है. नासा ने मंगलवार को बताया कि कार के आकार का यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के ऊपर से गुजरा है, लेकिन इससे किसी भी तरह का खतरा नहीं था. अमेरिकी एजेंसी के मुताबिक, पहले

अंतरिक्ष में नया इतिहास बनाने की तैयारी, इसरो की मदद से Skyroot करने जा रही ‘करिश्मा’

नई दिल्ली. भारत अंतरिक्ष की नई महाशक्ति बन चुका है. इसरो (ISRO) वैज्ञानिक कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं और सिलसिला जारी है. ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ के मंत्र के बीच एक भारतीय कंपनी स्पेस सेक्टर में नया कदम रखने जा रही है. भारत की एयरोस्पेस कंपनी स्काईरूट (Skyroot), इसरो की मदद से

आज ही के दिन दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री ने भरी थी उड़ान

नई दिल्ली. इतिहास के पन्नों में 16 जून की कई घटनाएं दर्ज हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है रूस की एक महिला का अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरना. यह पहला मौका था जब किसी महिला को इस मिशन पर भेजा गया. 16 जून, 1963 को 26 वर्षीय लेफ्टिनेंट वेलेंटीना तेरेश्कोवा (Valentina Vladimirovna Tereshkova) ने रूस की