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पं. बाल गंगाधर तिलक, शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती एवं महंत बिसाहू दास की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय राजीव भवन में आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी, प्रदेश युवा कांग्र्रेस, प्रदेश एनएसयूआई, प्रदेश कांग्रेस इंटक एवं समस्त मोर्चा संगठनों, प्रकोष्ठो के विभागों ने भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. बाल गंगाधर तिलक और अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती एवं महंत बिसाहूदास की पुण्यतिथि के अवसर पर

जन्मदिन विशेष : जानें मां भारती के सच्चे सपूत श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ी 5 बातें

नई दिल्ली.बीजेपी के प्रमुख बड़े नेताओं में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सबसे पहले आते हैं. कश्मीर में धारा 370 को खत्म करने या उस पर बहस की शुरुआत सबसे पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ही की थी. मां भारती के सच्चे सपूत डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म आज ही के दिन 6 जुलाई 1901

क्रांतिकारी सुखदेव के बारे में कितना जानते हैं आप? पढ़ें उनके जीवन से जुड़ी ये रोचक बातें

आज की पीढ़ी जब भगत सिंह की मूर्ति को दो लोगों की मूर्तियों से घिरा पाती है, तो बहुत कम लोग हैं, जो ये सवाल पूछते हैं कि ये बाकी दोनों कौन हैं. यानी सुखदेव और शिवराम राजगुरू. जब वो पढ़ते हैं तो उन्हें पता चलता है कि सेंट्रल असेम्बली में बम फेंकने तो भगत सिंह और

खुद की शर्तों पर जीने की कीमत सिल्क स्मिता ने खुदकुशी कर चुकाई

नई दिल्ली.सिल्क यानी रेशम और रेशम के कीड़े की किस्मत बड़ी अजीब होती है. वह अपने चारों ओर एक खोल बुनता है. यह खोल ही चमकदार मुलायम सिल्क होता है. इस खोल को उतारने की कीमत कीड़े को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है. उसी तरह सिल्क स्मिता (Silk Smitha) को सिल्क बनने की कीमत 35 साल

खुद को ‘एंटरटेनमेंट’ कहने वाली सिल्क स्मिता का दर्दनाक सच

नई दिल्ली. सिल्क यानी रेशम और रेशम के कीड़े की किस्मत बड़ी अजीब होती है. वह अपने चारों ओर एक खोल बुनता है. यह खोल ही चमकदार मुलायम सिल्क होता है. इस खोल को उतारने की कीमत कीड़े को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है. उसी तरह सिल्क स्मिता (Silk Smitha) को सिल्क बनने की कीमत 35 साल

Google ने आज कामिनी रॉय के सम्मान में बनाया डूडल, जानिए उनके बारे में

नई दिल्ली. गूगल (Google) ने आज अपना डूडल बंगाली कवयित्री, कार्यकर्ता और शिक्षाविद् कामिनी रॉय (Kamini Roy) को समर्पित किया है. 12 अक्टूबर, 1864 को तत्कालीन बंगाल के बाकेरगंज जिले (अब बांग्लादेश) में जन्मी कामिनी रॉय की आज 155वीं जयंती है. कामिनी रॉय भारत की पहली महिला हैं, जिन्होंने ब्रिटिश इंडिया में ग्रेजुएशन किया था. उन्होंने 1886