संत रामपाल महाराज के सत्संग में गूंजा दहेज मुक्त भारत का संदेश
बिलासपुर। शहर के व्यापार विहार स्थित त्रिवेणी भवन में रविवार को आस्था और सामाजिक क्रांति का अनोखा दृश्य देखने को मिला। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज के सानिध्य में आयोजित विशाल सत्संग समागम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
विशाल पंडाल में लगी एलईडी स्क्रीनों पर संत रामपाल महाराज के सत्संग का सीधा प्रसारण किया गया। सत्संग में वेद, श्रीमद्भगवद्गीता, पवित्र कुरान, पवित्र बाइबिल और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रमाणों से सिद्ध किया गया कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं। बताया गया कि मानव जीवन का एकमात्र उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है, जो केवल तत्वदर्शी संत की शरण में जाकर ही संभव है। आज के दिखावे और लाखों के खर्च वाले विवाहों के बीच इस सत्संग में तीन जोड़ों ने आदर्श रमैणी द्वारा विवाह संपन्न कर एक नई मिसाल कायम की। बिना एक रुपए दहेज, बिना बैंड-बाजा, बिना बारात और बिना किसी आडंबर के महज 17 मिनट में गुरुवाणी से विवाह संपन्न हुआ। भगत बालक दास मुंगेली निवासी, भगतमति परमेश्वरी दासी मस्तूरी निवासी, भगत अभिमन्यु दास तखतपुर निवासी, भगतमति श्रुति दासी पथरिया मुंगेली निवासी, भगत कार्तिक दास मुंगेली निवासी, भगतमति मनीषा दासी तखतपुर निवासी विवाह के बंधन में बंधे हैं।
देहज लोभियों को दिखाया आईना
इन विवाहों ने साबित कर दिया कि बेटियां बोझ नहीं हैं। अलग-अलग जिलों से आए इन जोड़ों के शून्य खर्च वाले विवाह ने दहेज लोभियों को आईना दिखाया। वर-वधू के परिवारों ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से ही यह संभव हुआ है। आयोजन में जिला सेवादार हीराराम साहू, तुलसी साहू, दशरथ केवट एवं समस्त सेवादार मौजूद रहे।


