एक ही घर में दीप्ति एवं उसके चश्मदीद गवाह प्रीतम शर्मा की सुनियोजित हत्या को आत्महत्या बताने पर उठ रहे सवाल
0 कर्नाटक के यादगीर में तीन बेटियों की मां की संदिग्ध मौत का मामला
0 न्याय की आस में दर-दर भटक रहे है परिजन
0 भाषा का ज्ञान नहीं होने के कारण मृतका के मायका वालों को हुई परेशानी
बिलासपुर। दुर्ग की बेटी दीप्ति शर्मा 29 वर्ष का विवाह 7 वर्ष पूर्व कर्नाटक राज्य के यादगीर जिला में आकाश शर्मा से हुआ था। विवाहिता ने दो बच्चियों को जन्म दिया। इसके बाद लगातार ससुराल के सास-ससुर, देवर, ननद ने ताना देना शुरू कर दिया। विवाहिता को ससुराल में मौजूद उसकी ननद के 16 वर्षीय लडक़े को गोद लेने दबाव भी बनाया जाने लगा। इसी दौरान दीप्ति शर्मा तीसरी बार जब मां बनने वाली थी तो ससुरालियों ने लिंग परीक्षण कराकर लडक़ी होने की पुष्टि हुई तो उसे गर्भपात कराने के लिए भी दबाव बनाया जाने लगा। लगातार तीन बेटियों को जन्म देने वाली दीप्ति शर्मा को मानसिक रूप से प्रताडि़त करने का सिलसिला जारी रहा। मृतका के पति आकाश शर्मा ने अपनी बहन के लडक़े को गोद लेने के लिए नोटरी के समक्ष स्टांप पेपर तैयार कर हस्ताक्षर कराने के लिए दीप्ति पर दबाव बनाया। मृतका ने नोटरी पेपर को फाडक़र घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। दीप्ति ने माता सुषमा शर्मा व पिता मूलचंद शर्मा को बताया कि उसके पति का चरित्र ठीक नहीं है। उसका अवैध संबंध पास में ही रहने वाले चचेरे भाई प्रीतम की पत्नी से है और घर में किराए पर रहने वाली महिला के साथ भी अवैध सबंध में रखता है। जिसे उसने रंगे हाथों को पकड़ लिया है। दीप्ति ने अपने माता-पिता से मायके आने की इच्छा जाहिर भी की थी किंतु उसके पति द्वारा उसे आने नहीं दिया गया। मृतका ने प्रीतम जिसे देवर मानती थी उसके खाते में मायके वालों ने टिकिट के लिए पैसे भी मंगाये थे। इसके बाद भी उसे दुर्ग छ.ग. आने नहीं दिया। दिनांक 12.०९.२०२४ को मृतका दीप्ति शर्मा पूर्ण रूप से स्वस्थ थी और अपने मां बाप से बात भी की थी। उसी रात ९ बजे ससुराल पक्ष प्रीतम ने दुर्ग फोन कर बताया कि दिप्ती को हार्ट अटैक होने की वजह से अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सूचना पाकर दिप्ती के माता पिता दुर्ग से कर्नाटक यादगीर के लिए रवाना हुए। इसी बीच दीप्ति के परिजनों ने लगातार फोन करके अपने दामाद से बात करने की कोशिश भी किंतु उसने फोन नहीं उठाया। १६ घंटे के बाद दीप्ति के परिजन जब यादगीर पहुंचे तो प्राइवेट अस्पताल में दीप्ति की संदेहास्पद मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि घटना दिनांक १२/०९/२०२४ को शाम 6.३० बजे से 7.३० बजे के बीच आकाश शर्मा ने अपनी पत्नी से झगड़ा किया तो पत्नी ने ट्रेवल्स संचालक अनिल को ७.१६ को फोन कर टिकिट बुक करने के लिए कहा इसी दौरान उसके पति ने उसका मुह को रूमाल में लगे जहरीले पदार्थ से दबा दिया जिससे उसका दम घुंट गया वहां पर घटना स्थल पर पहुंचकर प्रीतम शर्मा ने दोनों को छुड़ाने का प्रयास किया तो उसे भगा दिया गया और तीनों बच्चियों को आकाश शर्मा की बहन के पुत्र 16 वर्षीय अमित कुमार शर्मा जिसे गोद लेने के लिए दबाव डाला जा रहा था वह भी वहां मौजूद था। फिर आकाश की बहन कविता और एक अन्य डॉक्टर थी घटना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बेहोश हालत में पड़ी दिप्ती शर्मा का गला रस्सी से दबाकर उसकी हत्या कर दी और सुनियोजित तरीके से उसे डॉक्टर अर्चना रायर्चुरकर के क्लीनिक ले गए तो डॉक्टर ने मामला संवेदनशील होने की वजह से इलाज करने से मना कर दिया। इस बीच ९.३० बजे प्रीतम शर्मा से वह कहा गया कि दुर्ग फोन लगाकर कह दो कि दीप्ती शर्मा को हार्ट अचैटक आया है।
मृतका के परिजनों ने जब दामाद से बार-बार फोन नहीं उठाने का कारण पूछा तो उसने बताया कि लगातार तीन बार हार्ट अटैक करने के कारण अस्पताल में व्यवस्थ होने के कारण फोन नहीं उठाने की बात कही। इधर मृतका के माता-पिता को पहले से ही दामाद आकाश शर्मा व उसके परिजनों पर संदेश था। परिजनों ने १३.०९-२०२४ को यादगीर थाने में लिखित में आवेदन देकर थाना प्रभारी टाउन से मृत्यु की जांच करने के लिए निवेदन भी किया था। थाने में कन्नड़ भाषा में दर्ज एफआईआर मृतिका के माता-पिता को समक्ष नहीं आया उन्हें यह भी नहीं पता था कि पुलिस ने किसे आरोपी बनाया है? संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने किसी प्रकार जांच कार्रवाई नहीं की और न ही सीसी टीवी कैमरा जब्त किया। वहीं निजी अस्पताल प्रबंधक से मौत के कारणों से संबंधित कोई जांच पड़ताल की गई?
इस घटना के अगले ही दिन यानि १४.०९/२०२४ मृतका के पति आकाश शर्मा लोगों को ध्यान भटकाने के लिए नोटरी जीबी नायक के यहां अपनी कुछ संपत्ति को बच्चों के नाम से लिखापढ़ी इकरारनामा तैयार किया गया जिसमें प्रथम पक्ष स्वयं और दूसरे पक्ष में एक वर्षीय, तीन वर्षीय और 6 वर्षीय बच्चियों के नाम तथा मृतका दीप्ति शर्मा का नाम दर्शाकर लिखापढ़ी तैयार करा लिया। जिसमें यह उल्लेख किया गया कि नाबालिग बच्चे अपनी मां मृत्यु के संबंध में कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चाहते? इस इकरारनामा में नाबालिग बच्चे जो घटना के गवाह है को 25 तोला सोना, एक एकड़ जमीन, २२०० वर्गफुट मकान तथा हर साल सभी खाते में 5 पांच लाख रूपये देने का लेख कर यह राशि उन्हें १८ साल होने पर ही प्राप्त होने का लेख इकरारनामा में कराया गया। यहां पुलिस ने इस तथ्य की जांच नहीं की है कि इकरारनामा नाबालिग से नहीं होता वरन उनके वली से होती है और इस इकरारनामा के माध्यम से मृतका के पति ने इकरारनामा स्वयं मृत महिला से कर पुलिस का भी ध्यान जांच से भटकाने की कोशिश की। कुछ दिन बाद 22 सिंबर 2024 को घटना के संबंध में आकाश शर्मा के चचेरे भाई प्रीतम ने मृतका की मां सुषमा शर्मा को फोन कर घटना का खुलासा किया और बताया कि १२.०९२०२४ को मृतका अपने मायका आना चाहती थी इसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ। पति ने मुंह को दबा दिया जिससे वह पलंग पर बेहोश होकर गिर गयी फिर वहां उसने अपनी बहन कविता, मोहल्ले के सलीम के साथ मिलकर उसका गला रस्सी से दबा दिया और एक डॉक्टर को कमरे में बुलाकर उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया और उसे हार्ट अटैक में मृत दर्शा कर पुलिस को गुमराह किया जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस द्वारा करायी गयी। मेडिकल रिपोर्ट में उसकी मृत्यु का कारण एनेस्थिसिया और हेंगिंग (फांसी) बताया गया। इसके बाद मृतका की मां और पिता ने थानेदार से जब इसका जिक्र किया तो उसने फांसी लगाकर आत्महत्या का कारण बताकर थाने में कोई भी विधि सम्मत इलेक्ट्रानिक साक्ष्य एकत्रित नहीं किया।
मृतका की मां सुषमा शर्मा बताया कि घटना के दौरान प्रत्यक्षदर्शी रहे प्रीतम शर्मा की दिनांक २२-१२-२४ की भी मौत आकाश शर्मा के घर में हो गई। घटना का कारण फांसी लगाकर बताया गया। इन दोनों मौत पर सवाल उठाते हुए मृतका मां ने सवाल किया है कि क्या कोई व्यक्ति अपने घर को छोडक़र दूसरे के घर में आत्महत्या करता है तो पुलिस को घटना के कारणों की जांच करना था? बार-बार मौखिक शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की गई। किंतु कन्नड भाषा का प्रदेश होने की वजह से पुलिस मृतका के माता-पिता को सिर्फ जांच का आश्वासन दे रही है। दिनांक ३१/०५/२०२५ को पुन: लिखित में यादगीर पुलिस टाउन जिला यादगीर को शिकायत तथ्यों के साथ देते हुए जांच के बिंदुओं परध्यान दिलाया गया। किंतु आज दिनांक तक कर्नाटक राज्य के यादगीर जिले की पुलिस ने घटना की बारिकीरियों से जांच पड़ताल नहीं की है। बहरहाल मृतक के परिजन इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, कर्नाटक मुख्यमंत्री कार्यालय में भेज कर सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
सराफा कारोबारी को सरंक्षण दे रही पुलिस
तीन बच्चों की मां की मौत के तत्काल बाद इकरारनामा तैयार कराने से यह स्पष्ट हो रहा है कि मामले को रफादफा किया गया है। मृतका के परिजनों ने बताया कि आकाश शर्मा सोने चांदी का काम करता है। पूर्व में स्थानीय पुलिस ने उसके घर छापामार कार्रवाई की थी। मृतका दिप्ती शर्मा ने पुलिस थाने में लेनदेन कर अपने पति को छुड़ाया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में बड़ा लेन-देन हुआ है, शायद यहीं कारण है कि पुलिस इस गंभीर मामले की जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।




