सरनेम पूछकर बैठक से बाहर निकाला, जिपं सीईओ पर जातिगत प्रताडऩा का आरोप
बसपा ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) संदीप अग्रवाल के खिलाफ अनुसूचित जनजाति वर्ग के पंचायत सचिव तुलसी कुमार ध्रुव को कथित रूप से जातिगत आधार पर प्रताडि़त करने का मामला सामने आया है। बहुजन समाज पार्टी की जिला इकाई ने सोमवार को अंबेडकर चौक पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत एफआईआर दर्ज करने, उन्हें तत्काल निलंबित करने और सेवा से बर्खास्त करने की मांग की गई है। जिलाध्यक्ष हेमचंद मिरी ने आरोप लगाया कि तुलसी ध्रुव जो अनुसूचित जनजाति की गोंड जाति से आते हैं, को जिला पंचायत सीईओ द्वारा लगातार जातिगत दुर्भावना के चलते प्रताडि़त किया जा रहा है। पार्टी ने प्रशासन को सात दिन का समय दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
कार्रवाई की दी थी धमकी
आरोप है कि 24 अप्रैल 2026 को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में बैठक आयोजित हुई थी। आरोप है कि बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने तुलसी ध्रुव से उनका सरनेम पूछा गया। इसके बाद कार्रवाई की धमकी देते हुए सीईओ ने अपने निजी सुरक्षा कर्मी के माध्यम से तुलसी ध्रुव को बलपूर्वक बैठक हॉल से बाहर निकलवा दिया।
बिना शिकायत 8 सदस्यीय जांच दल बनाने का आरोप
आरोप ग्राम पंचायत नगोर्ड में जांच को लेकर लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि तुलसी ध्रुव के पदस्थ ग्राम पंचायत नगोर्ड में किसी शिकायत के बिना ही जिला पंचायत कार्यालय के आदेश पर 24 अप्रैल 2026 के माध्यम से आठ सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया गया।


