गैंगरेप-हत्या के दोषियों को चार बार उम्रकैद
गैंगरेप के बाद हत्या और लूट का मामला, फास्ट ट्रैक कोर्ट का कड़ा फैसला
जांजगीर-चांपा। गैंगरेप, हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को ऐसी सजा सुनाई है, जिससे अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने रोहन पाण्डू (23) और राजेंद्र सूर्या (22) को दोषी ठहराते हुए चार अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गैंगरेप की धारा में दोनों को प्राकृतिक जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रखने का आदेश दिया गया है। मामला 12 फरवरी 2023 की रात यादव चौक, जांजगीर का है। अभियोजन के अनुसार मुख्य आरोपी रोहन पाण्डू ने पहले से साजिश रचकर महिला के भाई के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं। भाई के गहरी नींद में चले जाने के बाद कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी गई। इसके बाद रोहन ने अपने साथी राजेंद्र सूर्या को घर के भीतर बुलाया। दोनों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
हैवानियत के बाद हत्या, जेवर और मोबाइल भी लूटे
आरोपियों ने वारदात के बाद महिला की हत्या कर दी। इसके बाद उसके पहने हुए सोने-चांदी के आभूषण, घर में रखे जेवर, तीन मोबाइल फोन और आंगन में खड़ी स्कूटी लेकर फरार हो गए। 13 फरवरी की सुबह महिला की मां के फोन से भाई की नींद खुली। कमरा बाहर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया गया तो महिला का शव बिस्तर पर पड़ा था।
48 घंटे में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहन पाण्डू को 48 घंटे के भीतर कवर्धा के कुंडा बाजार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सह-आरोपी राजेंद्र सूर्या की भूमिका सामने आई। पुलिस ने आरोपियों से लूटे गए आभूषण और स्कूटी समेत अन्य सामान बरामद किया।
फैसले से गया कड़ा संदेश
गैंगरेप के बाद हत्या और लूट जैसे जघन्य अपराध में अदालत के इस फैसले को अपराधियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। चार धाराओं में उम्रकैद और गैंगरेप के मामले में प्राकृतिक जीवन की अंतिम सांस तक जेल की सजा ने साफ कर दिया है कि गंभीर अपराधों में कानून से बच निकलना आसान नहीं है।


