चुनाव आयोग की भूमिक की निष्पक्ष जांच हो: कांग्रेस
वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को लेकर शहर पहुंचे नवज्योति पटनायक
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के लिए नियुक्त एआईसीसी पर्यवेक्षक नवज्योति पटनायक मंगलवार को बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने अभियान के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोडऩे और हटाने की प्रक्रिया, दोहरे पंजीकरण, ईवीएम और वीवीपीएटी की कार्यप्रणाली व निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस सह-प्रभारी विजय जांगिड़, शहर प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी, ग्रामीण प्रभारी सीमा वर्मा सहित जिले के वरिष्ठ कांग्रेसजन मौजूद रहे। कांग्रेस ने अपने पक्ष में राहुल गांधी की विभिन्न प्रेस कॉन्फ्रेंस और चुनावी आंकड़ों का हवाला दिया। पार्टी की ओर से 7 फरवरी 2025 को महाराष्ट्र, 7 अगस्त 2025 को महादेवपुरा और सितंबर 2025 में आलंद से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने इन मामलों में मतदाता सूची से संबंधित कथित गड़बडिय़ों की जांच और आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में कथित रूप से लगभग 39 लाख की वृद्धि का मुद्दा उठाया। पार्टी ने सवाल किया कि मतदाताओं की संख्या में इतनी वृद्धि किन कारणों से हुई और अतिरिक्त मतदाताओं के पंजीकरण का आधार क्या था। कांग्रेस ने पारदर्शी और मशीन-पठनीय प्रारूप में मतदाता संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग की।
महादेवपुरा और अन्य क्षेत्रों के मामलों का जिक्र किया
कांग्रेस ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अपने आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची में कथित दोहरे पंजीकरण, संदिग्ध प्रविष्टियों और अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने हरियाणा और कर्नाटक के आलंद से जुड़े मामलों का भी हवाला दिया। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोडऩे या हटाने की प्रक्रिया से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक होने चाहिए, ताकि नागरिक और राजनीतिक दल स्वतंत्र रूप से उनका सत्यापन कर सकें।
एसआईआर के आंकड़ों और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल
पत्रकार वार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आंकड़ों का भी मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों, लंबित अपीलों और पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान हुए बदलावों को स्पष्ट करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि प्रारूप मतदाता सूची से हटाए गए नाम, अंतिम सूची से हटाए गए नाम और न्यायाधिकरणों में लंबित अपीलों के आंकड़ों को अलग-अलग प्रस्तुत किया जाना चाहिए।


