शासन की सुविधाओं से खिलाड़ियों को मिल रहा संबल, खेल प्रतिभाएं बढ़ा रहीं जिले का मान

 

सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी

शिवतराई की पायल ने तीरंदाजी में चमकाया जिले का नाम

बिलासपुर. खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण अंचलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। कोटा विकासखंड के ग्राम शिवतराई निवासी कु. पायल मरावी की कहानी भी इसी बदलाव की मिसाल है। कभी खेल उपकरण और प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में अभ्यास में कठिनाइयों का सामना करने वाली पायल आज नियमित प्रशिक्षण लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
कु. पायल मरावी के लिए तीरंदाजी में आगे बढ़ने की राह आसान नहीं थी। खेल उपकरण, किट तथा अन्य आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध नहीं होने के साथ-साथ डाइट मनी की सुविधा भी नहीं मिलती थी। संसाधनों के अभाव में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण लेना कठिन होता था। सीमित सुविधाओं के बावजूद पायल ने खेल के प्रति अपनी रुचि और मेहनत को जारी रखा। वर्ष 2022 में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ग्राम शिवतराई में खेलो इंडिया लघु केन्द्र (तीरंदाजी प्रशिक्षण उपकेन्द्र) प्रारंभ किया गया। केन्द्र में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ आवश्यक खेल उपकरण, खेल किट एवं डाइट मनी उपलब्ध कराई जाने लगी। खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कोच के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर भी मिलने लगे।
सुविधाएं मिलने के बाद पायल के प्रशिक्षण में निरंतरता आई। वर्तमान में वह शिवतराई स्थित तीरंदाजी प्रशिक्षण केन्द्र में नियमित अभ्यास कर रही हैं। बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों के परिणामस्वरूप उन्होंने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा ’’राज्य अलंकरण मुख्यमंत्री ट्रॉफी वर्ष 2025-26 से भी सम्मानित किया गया है।

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