शंकर महादेवन की आवाज में गूंजा ‘नक्श-ए-कदम’

उम्मीद और संघर्ष की सुरमयी कहानी है ‘नक्श-ए-कदम’
भावनाओं, उम्मीद और मधुर सुरों का खूबसूरत संगम है ‘नक्श-ए-कदम’
मुंबई/अनिल बेदाग : संगीत की दुनिया में कुछ गीत ऐसे होते हैं जो केवल सुनाई नहीं देते, बल्कि दिल और आत्मा को भी छू जाते हैं। ऐसा ही एक नया गीत है ‘नक्श-ए-कदम’, जिसमें भारतीय संगीत जगत के दिग्गज गायक शंकर महादेवन की जादुई आवाज और संगीतकार-गायक देबोजीत दत्ता की रचनात्मक सोच का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है। उम्मीद, संघर्ष और अंधेरे के बाद आने वाली रोशनी के भावों को समेटे यह गीत श्रोताओं को एक भावनात्मक और प्रेरणादायक यात्रा पर ले जाता है।
हाल ही में देबोजीत दत्ता के स्वतंत्र रिकॉर्ड लेबल के तहत उनके यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए ‘नक्श-ए-कदम’ को संगीत प्रेमियों का शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। राग अहीर भैरव की आत्मा से प्रेरित यह समकालीन रचना पारंपरिक भारतीय संगीत की गहराई को आधुनिक संगीत के साथ खूबसूरती से जोड़ती है। गीत का संगीत संयोजन और प्रोग्रामिंग शुभम-सौरभ ने की है, जबकि अमेया मटेगांवकर ने इसकी मिक्सिंग और मास्टरिंग को संवारा है। इसके आकर्षक म्यूजिक वीडियो का निर्देशन परंतप मुखर्जी ने किया है।
देबोजीत दत्ता के लिए यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि एक भावनात्मक उपलब्धि भी है। संगीत रियलिटी शो के दिनों में शंकर महादेवन से हुई पहली मुलाकात को याद करते हुए वे इसे अपने संगीत सफर का ‘फुल सर्कल मोमेंट’ मानते हैं। उनके अनुसार, जिस कलाकार को वे वर्षों से अपना प्रेरणास्रोत मानते आए हैं, उसी की आवाज में अपनी रचना को सुनना किसी सपने के सच होने जैसा है। वहीं शंकर महादेवन ने भी देबोजीत की प्रतिभा और मेहनत की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “देबोजीत को एक प्रतिभाशाली संगीतकार, गायक, परफॉर्मर और म्यूजिक प्रोड्यूसर के रूप में विकसित होते देखना गर्व की बात है। उनके लिए गाना गाना मेरे लिए एक बेहद खास अनुभव रहा है।”
अर्थपूर्ण बोल, भावनात्मक धुन और शंकर महादेवन की प्रभावशाली गायकी से सजा ‘नक्श-ए-कदम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ते रहने और हर अंधेरे के बाद उजाले की उम्मीद बनाए रखने का संदेश है। यही वजह है कि यह गीत दुनियाभर के संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने का पूरा दम रखता है।

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