अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में समय-सारिणी में किए जा रहे बदलाव के विरोध में एनएसयूआई ने सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर. भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) बिलासपुर द्वारा आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में एम.एड. के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा की समय-सारिणी में बार-बार किए जा रहे बदलाव के विरोध में कुलसचिव तारणीश गौतम को ज्ञापन सौंपा गया।
रंजीत सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रारंभ में एम.एड. की द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा 01 जून 2026 से आयोजित करने का आदेश जारी किया गया था। इसके पश्चात विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तिथि को संशोधित कर 15 जून 2026 से आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं को पर्याप्त समय मिल सके।
किन्तु दिनांक 26/05/2026 को पुनः एक नई समय-सारिणी जारी कर परीक्षा को फिर से 01 जून 2026 से यथावत करने का निर्णय लिया गया, जिससे विद्यार्थियों में भारी असमंजस, चिंता एवं आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस निर्णय के कारण हजारों परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित हुई तथा बाहरी जिलों एवं राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों को आवागमन एवं अन्य व्यवस्थाओं में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा।
इन्हीं सभी समस्याओं को लेकर NSUI बिलासपुर जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलसचिव तारणीश गौतम को ज्ञापन सौंपा एवं मांग की कि एम.एड. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा को पुनः पूर्व निर्धारित समय-सारिणी 15 जून 2026 से ही आयोजित किया जाए।
NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का बार-बार समय-सारिणी बदलना न केवल अव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया को दर्शाता है, बल्कि यह पूरी तरह से छात्रविरोधी निर्णय भी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुलसचिव तारणीश गौतम के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा संचालन के मूलभूत नियमों की भी समुचित समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः किसी भी परीक्षा की तिथि को विद्यार्थियों के हित में आगे बढ़ाया (पोस्टपोन) किया जाता है, न कि पूर्व में घोषित तिथि से पहले (प्रीपोन) कर विद्यार्थियों को असमंजस की स्थिति में डाला जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार बार-बार परीक्षा समय-सारिणी में अव्यवस्थित परिवर्तन करना विश्वविद्यालय में व्याप्त छात्रविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। रंजीत सिंह ने कहा कि कुलसचिव द्वारा इस प्रकार के निर्णय लगातार लिए जाना अत्यंत चिंताजनक है और यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
रंजीत सिंह ने स्पष्ट कहा कि छात्र हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और NSUI हमेशा छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
ज्ञापन सौंपने के तुरंत पश्चात कुलसचिव तारणीश गौतम द्वारा मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्यवाही की गई तथा एम.एड. द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा को पूर्व निर्धारित समय-सारिणी (15 जून 2026) के अनुसार ही आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के बाद छात्रों में खुशी की लहर देखी गई एवं उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस सकारात्मक कदम का स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रदेश सचिव लोकेश नायक, जिला उपाध्यक्ष सुमित शुक्ला, जिला महासचिव शुभम जायसवाल, जिला महासचिव प्रवीण साहू, शेख आवेश, अंश बाजपेई, वंश दुबे, राकेश तिवारी, तरुण यादव, विकास, विपिन, राजेश, कमलेश, उमेश, नितिन, अंकित, शीतल, मधुलिका, रश्मि, पूनम, लक्ष्मी, प्रेरणा सहित एनएसयूआई के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


