सर्पदंश मामले में आठ कर्मचारियों का होगा बयान दर्ज, संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी
छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का लग रहा आरोप
बिलासपुर। पुलिस विभाग द्वारा सर्पदंश मामले में अभी आठ कर्मचारियों का बयान दर्ज किया जाएगा। सभी को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही लिपिक संघ के बीच हडक़ंप मच गया है। संघ लगातार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का आरोप लगा रहा है।
बीते सोमवार को गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिक संघ और छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संघों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है और जरूरत पडऩे पर सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है। पुलिस ने तहसील कार्यालय के कर्मचारी गरीब बिंझवार, नरेंद्र कौशिक और हरिराम राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पहले गोविंद विश्वकर्मा, वकील खांडेकर और डॉक्टर प्रियंका सोनी की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक, अब 8 अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाने हैं।
अब तबादले के जुगाड़ में जुटे कर्मचारी
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मामले में नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के डर से तहसील के कई कर्मचारी अब अपना तबादला कराने की कोशिश में जुट गए हैं। वहीं, इस मामले में सात तहसीलदारों को भी नोटिस जारी किया गया है। इसके विरोध में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने तहसीलदारों का पक्ष रखा है। संघ ने पूरी प्रक्रिया का हवाला देते हुए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा है।


