संयुक्त संचालक से व्यक्तिगत मुलाकात के बाद अंकित गौरहा ने सौंपा विस्तृत पत्र बिलासपुर . जिला शिक्षा विभाग से जुड़े पदोन्नति,पदस्थापना,अनुकंपा नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति,अटैचमेंट और युक्तियुक्तकरण जैसे मामलों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ने का मामला अब सवालों के घेरे में है। फरवरी से मई 2026 के बीच लगातार
कोरबा. एसईसीएल गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हो गया है। इन परिवारों के समर्थन में किसान सभा के कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल में शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि पूरे एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति के लगभग 400 प्रकरण
रायपुर. छत्तीसगढ़ किसान सभा ने आरोप लगाया है कि पूरे एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति के लगभग 400 प्रकरण लंबित है और उन्हें नौकरी देने में जानबूझकर देरी की जा रही है। पीड़ितों में अधिकांश आदिवासी और महिलाएं हैं, जिनसे शीघ्र नौकरी देने के एवज में पैसों की मांग की जाती है। इसी तरह के एक
बिलासपुर. देवेन्द्र कुमार कौशिक को शासकीय हायर सेंकडरी स्कूल सकर्रा में सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिल गई है। छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले ने देवेन्द्र का भविष्य संवार दिया है। अब उसका परिवार भी जीवन यापन की चिंता से मुक्त हो गया है। जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम कुरेली निवासी 23 वर्षीय
बिलासपुर.मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अनुंकपा नियुक्ति के प्रकरणों में 10 प्रतिशत की सीमा शिथिल करने का निर्णय लेने से युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता खुल गया है। सुश्री विनीता मिश्रा भी इन्हीं युवाओं में शामिल है। विनीता को शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड 03 के पद पर नियुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा
बिलासपुर. अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में 10 प्रतिशत की सीमा शिथिल करने के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय से युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के द्वार खुल गये है। यह सीमा 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल की गई है। 10 प्रतिशत की सीमा के शिथिल होने से शिक्षा विभाग में 42 कर्मचारियों के