आज होगा अहंकार का अंत, जगह-जगह होगा रावण के पुतलों का दहन
बाजार में जमकर बिक रहे रेडिमेड दशानन
मेघनाथ और कुंभकर्ण के भी जलेंगे पुतले
बिलासपुर. बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी मंगलवार को है। शहर की प्रमुख जगहों पर रावण के साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाएंगे। प्रमुख आयोजन पुलिस मैदान, पुराना बस स्टैंड चौक, लाल बहादुर शास्त्री मैदान और रेलवे के एनईआइ ग्राउंड में होगा। विजयादशमी के लिए प्रमुख स्थलों पर रावण के पुतले भी खड़े किए जा चुके हैं। मंगलवार की शाम आतिशबाजी के साथ धूमधाम से रावण दहन करते हुए अहंकार का अंत किया जाएगा और सभी बुराई पर अच्छाई की जीत पर खुशी मनाएंगे।
विजयादशमी की तैयारियां विभिन्न समितियों की ओर से जोर-शोर से की गई हैं। इस बार रावण दहन कार्यक्रम विभिन्न समितियों द्वारा भव्य रूप में मनाया जाएगा। रावण दहन के साथ ही जय श्रीराम के जयघोष के साथ भक्तिमय माहौल रहेगा। शहर के पुलिस मैदान, नूतन चौक सरकंडा, पुराना बस स्टैंड, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान, कारगिल चौक, ग्रीन पार्क मुंगेली नाका, रेलवे परिक्षेत्र, मिनोचा कालोनी समेत शहर की विभिन्न प्रमुख स्थलों में रावण दहन का कार्यक्रम होगा। वहां 40 से 70 फीट तक के रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा। यह रावण दहन कार्यक्रम शाम छह बजे से रात नौ बजे तक संपन्न होगा। शहर की सभी प्रमुख रावण दहन समितियों की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में रावण दहन स्थल में शाम पांच बजे से भीड़ लगनी शुरू हो जाएगी।
सोनपत्ती देकर देंगे बधाई
विजयादशमी पर सोनपत्ती का विशेष महत्व है। रावण दहन की रस्म के बाद लोग अपने परिचितों और दोस्तों को सोनपत्ती (शमी के पत्ते) देकर शुभकामनाएं देंगे। साथ ही दशहरा में नीलकंठ के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इस वजह से लोग नीलकंठ दर्शन के लिए सैर करते हैं।
बेटों का होगा विशेष पूजन
घरों में बेटों का पूजन किया जाएगा। मान्यता है कि बेटे भगवान श्रीराम के लंका विजय में सहयोग कर लौटे हैं। इस वजह से घर-घर बेटों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा और आरती कर पूजन होगा। इसके साथ ही वाहनों का भी पूजन किया जाएगा। शहर में छोटे-बड़े दो हजार से ज्यादा जलेंगे रावण के पुतले
दहन स्थल पर लगेगा मेला
जहां-जहां रावण दहन किया जाएगा। उसके आसपास मेला का भी आयोजन होगा। रावण दहन देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। साथ ही मेला का भ्रमण कर आनंद उठाते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मेला का आयोजन किया जाता है।
दो हजार से ज्यादा जलेंगे रावण के पुतले
इस साल हर त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसे में विजयादशमी पर्व के लिए भी लोगों में उमंग नजर आ रहा है। शहर के मोहल्ले, कालोनियों, बस्तियां आदि मिलाकर दो हजार से ज्यादा छोटे-बड़े रावण के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया जाएगा।


