नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 20 साल सजा
जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला
बिलासपुर। नाबालिक को भागकर दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को पास्को एक्ट के तहत 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई है। तखतपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में जिला एवं जिला न्यायालय में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एफटीसी पास्को अधिनियम पीठासीन अधिकारी पूजा जायसवाल की अदालत ने आरोपी जयकुमार लहरे उर्फ कलुआ को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 4 लाख पीडि़ता को देने का आदेश भी दिया है
न्यायालय ने इस घटना को अपराधिकृत मानते हुए टिप्पणी की है कि जिस समय नाबालिक पीडि़ता को भगा कर ले गया। अपराधी घटना की गई उसमें पीडि़ता की उम्र 18 वर्ष से कम थी। पीडि़त बच्चों के मन में उसके स्वास्थ्य विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। न्यायालय ने कहा है कि आरोपी युवक का यह कृत्य पीडि़त बच्चों के मन पर घृणित कृत्य का प्रभाव आजीवन रहेगा। स्वास्थ्य विकास पर भी पड़ेगा। घटना के समय पीडि़ता की आयु 18 वर्षों से कम थी। इसलिए हमारे पास उच्च न्यायालय के विवादित निर्णय को रद्द करने और ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बहाल करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। न्यायाधीश पूजा जायसवाल ने दोनों पक्षों की गवाही के बाद आरोपी जय कुमार लहरें को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा नंदी ने पैरवी की है।
तखतपुर थाना क्षेत्र के पीडि़ता के पिता ने 2024 को थाना तखतपुर में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिक पुत्री को 8 नवंबर 2024 की सुबह 11 बजे बिना बताए कहीं चली गई है और आज तक वापस नहीं आई है। पूछताछ के दौरान पतासाजी में रिश्तेदारी में पता चला कि किसी ने बहला-फुसलाकर कर उनकी नाबालिक बेटी को अपहरण करके ले गया है। पुलिस ने अपनी विवेचना में पाया कि आरोपी ने हीं नाबालिक को भगा कर ले गया है। मौका नक्शा तैयार कर घटनास्थल का निरीक्षण व नक्शा तैयार कर पीडि़ता के माता-पिता के बयान दर्ज करने के बाद विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपी जयकुमार लहरे ने 22 नवंबर 2024 को ईंट भट्टा उत्तर प्रदेश में इसे बहला फुसलाकर कर भगाकर ले गया था। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ईंट भट्टा से नाबालिक को बरामद किया। पीडि़ता का बयान दर्ज कर 13 नवंबर 2024 को आरोपी जयकुमार लहरे को धारा 180 बीएनएस से महिला थाना को प्रतिवेदन प्रेषित कर गिरफ्तार किया गया।


