उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को मिले प्रशिक्षण, रोजगार के बढ़ें अवसर : कलेक्टर

 

एसएसपी ने युवाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर दिया जोर

स्किल गैप एनालिसिस की समीक्षा बैठक में उद्योगों से जानी कुशल मानव संसाधन की जरूरत
बिलासपुर. जिले में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्किल गैप एनालिसिस की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि एवं उद्योगपति उपस्थित रहे। बैठक में उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों, आवश्यक कौशल, प्रशिक्षण की दिशा तथा युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल एवं छत्तीसगढ़ लद्यु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री हरीश केडिया भी बैठक में शामिल रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण ऐसा हो, जिसमें युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी मिले और प्रशिक्षण के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने उद्योगों एवं प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर अपडेट करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इंडस्ट्री डिमांड के अनुरूप इमर्जिंग एवं फ्यूचर रेडी स्किल को प्रशिक्षण व्यवस्था में शामिल करना समय की आवश्यकता है।
कलेक्टर ने इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट लिंकेज को मजबूत करने तथा ट्रेनिंग को इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उनकी स्किल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने ’’युवाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया।’’ उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता बढ़ रही है। युवाओं को साइबर सुरक्षा एवं इससे जुड़े तकनीकी क्षेत्रों में रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें।
छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री हरीश केडिया ने कहा कि ने स्किल गैप की पहचान कर उसी के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाने से युवाओं को उनकी योग्यता और उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे एक ओर युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों से विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल की जानकारी ली गई। उद्योगपतियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक मानव संसाधन, कौशल एवं रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया। प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रशिक्षण की दिशा तय करने तथा युवाओं के कौशल को उद्योगों की मांग से जोड़ने पर चर्चा हुई।
बैठक में सीएनसी , सीएडी, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रोबोटिक्स , लॉजिस्टिक्स, क्वालिटी कंट्रोल, सोलर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण की संभावनाओं पर चर्चा की गई। भविष्य की मांग को देखते हुए स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, एआई आधारित, , ग्रीन टेक्नोलॉजी, सोलर एनर्जी एवं फ्यूचर रेडी स्किल्स को चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने पर भी विचार किया गया।
बैठक में आगामी रोजगार मेलों की तैयारियों की भी जानकारी दी गई। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि 30 सितंबर को संभाग स्तरीय रोजगार मेला तथा 7 एवं 8 अक्टूबर को राज्य स्तरीय रोजगार मेला’’ आयोजित किया जाएगा। युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए ’’ई-रोजगार पोर्टल पर पंजीयन’’ कराने पर भी जोर दिया गया।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *