फर्जी पीएम रिपोर्ट सामने आने के बाद सिम्स के डॉक्टर फरार, अब तक 17 गए जेल

 

बिलासपुर। सर्पदंश मामले में फर्जीवाड़ा खुलासा होने के बाद फर्जी पीएम रिपोर्ट बनाने वाले सिम्स का डॉक्टर फरार गया है। पुलिस की टीम डॉक्टर की तलाश कर रही है। इस केस में अभी तक, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, राजस्व, वकील, दलाल समेत 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अस्पताल में ब्रॉडडे के प्रकरण आते ही ये गिरोह सक्रिय हो जाते थे और मृतक के परिजन को पैसा दिलवाने का लालच देकर बयान बदलवा देते थे।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों की सर्पदंश मामले में गिरफ्तारी की गई है, जो सिम्स पुलिस चौकी में घटना के दरम्यान और बाद में पदस्थ रहे हैं, रामकुमार पाटनवार (40) निवासी बंधवा पारा सरकंडा, रामेश्वर भास्कर (53) निवासी सतनाम नगर अमेरी को जेल भेजा गया है। ये हीरा खांडे के पूरे आपराधिक गिरोह में शामिल थे। इनका काम यह था कि जब भी कोई डेड बॉडी सिम्स आती थी। उस समय तत्काल खांडे गिरोह के सदस्य महेन्द्र मनहर को सूचित करते थे कि एक शव आया है, इनके परिजन आए हैं, इनको मिलकर समझा दो। फिर मनहर हॉस्पिटल पहुंचकर मृतक के परिवार वालों को रुपयों और मुआवजे का लालच देकर उन्हें सर्पदंश की बात बताने के लिए तैयार कर लेता था। भले ही व्यक्ति की मौत अन्य किसी कारण से हुई हो। इस आपराधिक लालच में आकर मृतक के परिवार वाले शासन के आपदा कोष से दी जाने वाली आपदा राशि का कुछ हिस्सा पाकर इस गिरोह के कारनामे में ख़ुद शामिल हो जाते थे । दोनों पुलिस कर्मचारियों को उनके इस सूचना देने के एवज में और मृतक के परिवार वालों को तैयार करने में सहयोग करने के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। दोनों को मंगलवार को न्यायालय में रिमांड पर लेकर पूछताछ किया जाएगा ।

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