दुनिया की आबादी तेज़ी से उम्रदराज़ हो रही है, लेकिन क्या अधिक उम्र के लोगों को गरिमा, समानता, सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य के साथ जीने का अधिकार वास्तव में मिल रहा है? गरीबी, सामाजिक बहिष्कार और स्वास्थ्य सेवाओं व न्याय तक के लिए उनको क्यों जूझना पड़ता है? अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार व्यवस्थाओं में प्रगति के बावजूद,