मितानी, जातिगत भेदभाव, जमीन और सामाजिक रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी जाएगी कहानी   बिलासपुर.  छत्तीसगढ़ के इतिहास, सामाजिक व्यवस्था और पारंपरिक जीवनशैली को अब फिल्मी पर्दे पर जीवंत करने की तैयारी है। फिल्म ‘मालगुजार’ के जरिए करीब 100 से 200 वर्ष पुराने दौर के रहन-सहन, सामाजिक संबंधों और उस समय की परिस्थितियों को