बिहार के 275 गांवों में नहीं होगी जमीन की खरीद-बिक्री?
बिहार की नई-नवेली सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य के 11 शहरों में नए सैटेलाइट टाउन बनाने की घोषणा की है. 22 अप्रैल को सम्राट चौधरी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. टाउनशिप बनाने की यह घोषणा आने वाले दिनों में बिहार की तस्वीर बदल देगी. इस टाउनशिप प्रस्ताव के तहत बिहार के 11 प्रमुख शहरों में दिल्ली, नोएडा, मुंबई, चंडीगढ़ की तर्ज पर प्लांड कॉलोनियां बसाई जाएगी. इसमें रिहायशी के साथ-साथ कॉमर्शियल स्थान पहले से तय होंगे. हरियाली के लिए बीच-बीच में पार्क भी होंगे. सड़कें चौड़ी होंगी, सड़कों के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे, डिवाइडर, चौराहे जैसी व्यवस्था भी होंगी.
सभी 11 टाउनशिप वाले चिह्नित गावों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक
22 अप्रैल को बिहार कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव की मंजूरी के साथ ही इन 11 टाउनशिप प्रोजेक्ट के चिह्नित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. इन 11 शहरों को दो समूह में बांटा गया है. पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर को रखा गया है, जिनका मास्टर प्लान 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित किया जाना है.
दूसरे समूह में मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीतापुरम क्षेत्र को शामिल किया गया है. इनके लिए आयोजना क्षेत्र का विस्तार करते हुए 30 जून 2027 तक मास्टर प्लान अधिसूचित करने की समय सीमा तय की गई है.
इन प्रस्तावित टाउनशिप का नामकरण भी किया गया है. पटना में बनने वाले टाउनशिप का नाम पाटलिपुत्र, दरभंगा का मिथिला, सहरसा का कोसी, पूर्णिया का पूर्णिया, गया का मगध, मुंगेर का अंग, मुजफ्फरपुर का तिरहुत, भागलपुर का विक्रमशिला, छपरा का सारण, सीतामढ़ी का सीतापुरम तथा सोनपुर का हरिहरनाथ पुरम रखा जाएगा.


