दूसरों को गाली देना हिंदुत्व नहीं, सबको साथ लेकर चलना ही असली धर्म” – धीरेंद्र शास्त्री

 

कोरबा | ग्राम ढप-ढप में आयोजित दिव्य हनुमंत कथा के चौथे दिन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का ‘दिव्य दरबार’ सजा। चिलचिलाती धूप के बावजूद लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने दुखों के निवारण की आस लिए पहुंचे। आचार्य श्री ने मंच से न केवल भक्तों की समस्याओं का समाधान बताया, बल्कि हिंदुत्व की एक नई और उदार परिभाषा भी साझा की।

 

अपने संबोधन के दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा, “किसी भी धर्म को गाली देने से कोई धर्म बड़ा नहीं हो जाता। हमें किसी मुसलमान या ईसाई को अपशब्द नहीं कहने हैं, क्योंकि यह हमारा हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व का असली अर्थ है सभी धर्मों का सम्मान करना।यही सनातन है,यही हमारी परम्परा है।” उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे अपने व्यस्त समय में से कुछ पल धर्म और राष्ट्र के लिए निकालें, क्योंकि हिंदू सुरक्षित रहेगा तभी हमारी संस्कृति और हिंदुत्व सुरक्षित रहेगा।

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